गोंडा सदर विधानसभा से पूर्व सपा प्रत्याशी सूरज सिंह को SIR फॉर्म भरते समय 2003 की डिटेल देने के बावजूद ‘नो मैपिंग’ नोटिस भेजी गई है। उनसे कई आवश्यक कागजातों के साथ मैपिंग के संबंध में जवाब मांगा गया है। सूरज सिंह का कहना है कि उन्होंने SIR फॉर्म भरते समय 2003 की जानकारी भी दी थी, फिर भी उन्हें यह नोटिस मिली है। उनका आरोप है कि ऐसी नोटिसें आम लोगों को भी भेजी जा रही हैं, ताकि वे जवाब न दे सकें और उनके वोट मतदाता सूची से काट दिए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि समाजवादी मतदाताओं को चिन्हित करवाकर ये नोटिसें भिजवा रहे हैं। चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है। सूरज सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बीएलओ से बात की और उन्हें चेतावनी दी कि यदि किसी का वोट गलत तरीके से काटा गया, तो भाजपा के लोग उनकी नौकरी बचाने नहीं आएंगे।
उन्होंने कहा कि बड़े अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में चुनाव आयोग ने निलंबित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी भी समाजवादी पार्टी के व्यक्ति या किसी भी अन्य व्यक्ति का वोट गलत तरीके से नहीं कटने देंगे। उन्होंने खुद को इसका उदाहरण बताया कि उनके भी वोट काटने की साजिश रची गई और उन्हें नोटिस भेज दिया गया, जबकि उन्होंने फॉर्म भरते समय अपनी पूरी जानकारी दी थी। सूरज सिंह के अनुसार, उनकी विधानसभा से 14,000 वोट काटने के लिए समाजवादी मतदाताओं को चिन्हित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विपक्षी ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर बीएलओ को फॉर्म 7 भरकर नोटिस भिजवाने और वोट काटने की साजिश रची है। हालांकि सपा नेता सूरज सिंह के इन सभी आरोपी को गोंडा जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है कहा कि कोई किसी के वोट काटने की साजिश यहां पर नहीं की जा रही है।
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