शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी की गोहत्या पर रोक और गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग के बाद, अब देश के विभिन्न अखाड़ों के संत गौ माता की रक्षा के लिए एकजुट हुए हैं। इन संतों ने ‘गौ सम्मान आह्वान अभियान’ नामक एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है। यह अभियान 27 अप्रैल से 27 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में गौ माता के सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसके साथ ही, गौहत्या पर कठोर कानून बनाने की मांग की जाएगी। आंदोलन में विशेष रूप से गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की अपील की जाएगी, ताकि देशभर में गौ माता के प्रति सम्मान बढ़ सके और उनकी रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। अभियान का नेतृत्व श्री मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान जी मंदिर के महंत बलबीर गिरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह किसी व्यक्ति विशेष या संगठन का नहीं, बल्कि स्वयं गौ माता का आह्वान है। महंत बलबीर गिरी का कहना है कि यह अभियान केवल गौ माता की रक्षा का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म की भी रक्षा का प्रयास है। यह आंदोलन तीर्थराज प्रयागराज से शुरू होकर पूरे देश में फैलाने का लक्ष्य रखता है। इसके तहत, देश की प्रत्येक तहसील, उपखंड और जिले से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन समर्पित किया जाएगा। इस अभियान में संतों और महात्माओं का बड़ा योगदान है। यह आंदोलन करुणा, धर्म और चेतना पर आधारित है, जो किसी भी प्रकार के टकराव या हिंसा के खिलाफ है। ‘जय गौ माता, जय हिंदू राष्ट्र’ के नारे के साथ इस अभियान को सफल बनाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
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