उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने आगामी हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी लगाते समय निरीक्षकों के संपूर्ण विवरण की भलीभांति जांच हो। डीआईओएस स्तर से ही परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक कक्ष निरीक्षकों की संख्या का विवरण निर्गत किया जाएगा। परिचय पत्र परिषद के पोर्टल से परीक्षा शुरू होने से एक सप्ताह पहले डाउनलोड होंगे। इन पर केंद्र विवरण अंकित कर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य को हस्तगत किया जाएगा। कक्ष निरीक्षक परीक्षा प्रारंभ से तीन दिन पूर्व, यानी 15 फरवरी को अपने आवंटित केंद्र पर उपस्थित होकर केंद्र व्यवस्थापक को रिपोर्ट करेंगे।प्रत्येक परीक्षा कक्ष में न्यूनतम दो कक्ष निरीक्षक लगाए जाएंगे। जिसमें से एक बाहरी विद्यालय का होना अनिवार्य है। पांच कक्षों पर एक मोचक की व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी। 40 परीक्षार्थियों वाले कक्ष में दो तथा 41 से 60 परीक्षार्थियों वाले कक्ष में तीन निरीक्षक तैनात होंगे। बालिका परीक्षार्थियों वाले केंद्रों पर महिला कक्ष निरीक्षकों की अनिवार्य नियुक्ति होगी। स्वकेंद्र पर छात्राओं के कक्षों में उसी विद्यालय के अध्यापकों की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। सचिव ने जोर दिया कि डीआईओएस डिबार अध्यापकों को ड्यूटी न दें। सभी केंद्रों की केंद्रवार सूची कार्यालय में सुरक्षित रखी जाए। इन कदमों से परीक्षाओं का माहौल नकलरहित और विश्वसनीय बनेगा, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा। डीआईओएस इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंगे।
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