मथुरा के नौहझील क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक के निलंबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विवाद और जन-आक्रोश बढ़ता देख जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बैकफुट पर आ गई हैं। जिस मामले की जांच के लिए पहले एक महीने का वक्त दिया गया था, अब उसे घटाकर महज तीन दिन कर दिया गया है। क्या है पूरा विवाद नौहझील के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद पर भाजपा के बाजना मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि शिक्षक स्कूल में बच्चों का ‘माइन्ड वॉश’ कर रहे हैं और उन्हें नमाज पढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया था कि स्कूल में राष्ट्रगान भी नहीं कराया जाता। 30 जनवरी को मिली इस शिकायत पर अगले दिन ही यानी 31 जनवरी को ही बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने कार्यवाही करते हुए प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद को निलंबित कर दिया था। ग्रामीण और बच्चे शिक्षक बोले थे आरोप बेबुनियाद प्रधानाध्यापक पर हुई इस कार्रवाई के बाद से गांव के लोगों और स्कूली बच्चों में भारी नाराजगी देखी गयी । स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि शिक्षक पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। स्कूल में तैनात अन्य अध्यापकों और छात्रों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। स्कूल स्टाफ का कहना था 50 साल के प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद 18 साल से यहां नौकरी कर रहे हैं। ग्रामीणों और बच्चों के विरोध ने विभाग को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। BSA ने जांच के आदेश में किया बदलाव विवाद की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए बीएसए रतन कीर्ति ने मंगलवार को नया आदेश जारी किया। 31 जनवरी 2026 को गठित दो सदस्यीय जांच समिति को पहले एक माह के भीतर रिपोर्ट देनी थी। अब इस समय-सीमा में संशोधन कर जांच समिति (खण्ड शिक्षा अधिकारी छाता और मांट) को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिन के भीतर अपनी तथ्यात्मक और निष्पक्ष रिपोर्ट कार्यालय में जमा करें। डैमेज कंटोल में जुटी BSA बीएसए के इस कदम को ‘डैमेज कंट्रोल’ के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि वे इस संवेदनशील मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं। अब सबकी निगाहें जांच समिति की उस रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो शिक्षक जान मोहम्मद का भविष्य तय करेगी। वहीं कुछ लोग दबी जुबान से कह रहे हैं BSA ने सत्तारूढ़ पार्टी के नेता के द्वारा की शिकायत को बिना जांचे परखे निलंबन के आदेश एक दिन में कर दिए थे।
https://ift.tt/J5hWSMk
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply