मेरठ में शब-ए-बारात पर आतिशबाजी रोकने के लिए पुलिस द्वारा तैयार की गई रणनीति कारगर रही। देर रात तक किसी भी इलाके से आतिशबाजी का सूचना नहीं मिली। खासकर वह इलाके सबसे ज्यादा शांत दिखाई दिए, जहां हर वर्ष आतिशबाजी के कारण किसी ना किसी हंगामे की सूचना जरूर मिलती थी। अफसर भी देर रात तक सड़क पर डटे दिखाई दिए। पुलिस की निगरानी का दिखा असर
शब-ए-बरात पर कुछ लोग सड़कों पर उतरकर आतिशबाजी करते हैं। इस बार पुलिस प्रशासन ने इसको देखते हुए सख्ती बरती। पुलिस ने कई दिन पहले से ही आतिशबाजी तैयार करने वालों व उनके सहयोगियों की घेराबंदी शुरु की। नतीजा यह हुआ कि सुर्री तक तैयार नहीं हो सकी। इसका एक कारण मिट्टी का सामान बनाने वालों की निगरानी भी रहा। कई दुकानों पर पुलिस ने की कार्रवाई
सुर्री बनाने के लिए या कहें तो आतिशबाजी बनाने के लिए जिन चीजों की आवश्यकता होती है, पुलिस ने उनकी भी निगरानी की। करीब दर्जनभर ऐसी दुकानें चिह्नित की गईं थी जो इन्हें तैयार करने का सामान बेचती हैं। पुलिस ने काफी सामान जब्त किया और मुकदमे की भी कार्रवाई की। उसी का नतीजा रहा कि शब ए बरात पर आतिशबाजी नहीं हो सकी। स्टेट रोकने के लिए मुस्तैद पुलिस
रात में सड़कों पर हुड़दंग भी मचता रहा है। इस बार इसे रोकने के लिए मजबूत रणनीति बनाई गई। पुलिस ने उन रास्तों को तो चिह्नित किया ही, जहां सबसे ज्यादा स्टंटबाजी होती है। उनके अलावा उन रास्तों की भी निगरानी बढ़ा दी, जहां से ऐसे लोग निकलकर आते हैं। बाकायदा थाना पुलिस के साथ आरएएफ को जिम्मेदारी दी गई। देर रात तक आरएएफ मुस्लिम इलाकों जैसे इस्लामाबाद, हापुड़ अड्डा, भूमिया का पुल, श्यामनगर, लिसाड़ीगेट, लालकुर्ती, इम्लियान आदि पर डटी दिखाई दी। अफसर भी करते रहे गश्त
शब-ए-बरात पर देर रात तक पुलिस अफसर भी गश्त करते दिखाई दिए। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एएसपी अंतरिक्ष जैन, सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना के अलावा अधिकांश सभी थानेदार अपने अपने क्षेत्र में मुस्तैद दिखे। कई जगह पुलिस अफसर फुट पेट्रोलिंग भी करते दिखाई दिए।
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