लखनऊ के एक स्कूल में फेयरवेल पार्टी के दौरान चाऊमीन खाने को लेकर बच्चों को सस्पेंड करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्टूडेंट्स ने कई बार चाउमीन लिया। इसकी जानकारी जब प्रिंसिपल को हुई तो उन्होंने स्टूडेंट्स को 2 दिन के लिए स्कूल आने पर रोक लगा दी। अचानक हुई कार्रवाई से स्टूडेंट्स के पेरेंट्स भी हैरान-परेशान हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में स्कूल प्रिंसिपल ने 2 दिन के लिए स्टूडेंट्स को सस्पेंड करने की बात मानी है। हालांकि सस्पेंड किए गए बच्चों की संख्या और उनसे जुड़ी कोई भी जानकारी देने से साफ मना कर दिया। अब घटनाक्रम विस्तार से पढ़िए… स्कूल के वॉट्सऐप ग्रुप में भेजा मैसेज चिनहट स्थिति सेंट मैरी स्कूल में 1 फरवरी को हाईस्कूल के स्टूडेंट्स की फेयरवल पार्टी थी। इवेंट के बाद स्कूल प्रिंसिपल की तरफ से ऑफिसियल ग्रुप में एक ऑडियो भेज उन स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई, जिन्होंने कई बार फूड काउंटर से चाऊमीन ली थी। उन्हें स्कूल आने से रोकते हुए 2 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया। ये भी कहा गया कि आगे की कार्रवाई की जानकारी मंगलवार शाम को दी जाएगी। घटना के बाद जब अगले दिन 2 फरवरी को स्टूडेंट्स पहुंचे। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उन्हें डंडा लेकर दौड़ा लिया। इस बीच सस्पेंड हुए 9वीं के छात्रों के पेरेंट्स ने स्कूल पर मनमानी का आरोप लगाया है। टीचर बोलीं- प्रिंसिपल ही ज्यादा बता सकती हैं स्कूल टीचर अर्चना ने बताया- फेयरवेल के दिन की घटना है। इससे ज्यादा की जानकारी नहीं है। 9वीं के क्लास टीचर अखिलेश यादव है। वह ही इस मामले की पूरी जानकारी दे पाएंगे। इस विषय में विस्तार से प्रिंसिपल ही बता सकती हैं। 2 दिन के लिए स्कूल से किया गया सस्पेंड स्कूल प्रिंसिपल पूनम नायर ने बताया- फेयरवेल के दौरान की घटना है। पहले 10वीं के स्टूडेंट्स ने खाया। इसके बाद जब 9वीं के स्टूडेंट्स जब खाने के लिए पहुंचे तो फूड स्टॉल पर झपट पड़े। चाऊमीन स्टॉल पर जो लड़का खड़ा था, वो वहां से भाग गया। ये मैनर्स कभी किसी स्टूडेंट्स को नहीं सिखाया गया है। 2 दिन के लिए स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया गया है। इसके बाद सभी स्कूल आ सकते हैं। प्रिंसिपल ने बताया कि वो करीब 25 साल से स्कूल में हैं। ऐसी घटना पहली बार हुई है। पेरेंट्स ने साधी चुप्पी दैनिक भास्कर ने सस्पेंड किए गए बच्चों के पैरेंट्स से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी इस बारे में बात करने से मना कर दिया। एक पैरेंट ने नाम पब्लिश नहीं करने की शर्त पर कहा- अगर स्कूल प्रबंधन चाऊमीन खाने पर बच्चे को सस्पेंड कर सकता है तो हमारे बोलने पर बच्चे को स्कूल से भी निकाल सकता है। —————-
यह खबर भी पढ़िए… ‘जिंदादिल अंशु आत्महत्या नहीं कर सकता’:लखनऊ में दोस्तों के व्हाट्सऐप पर सुसाइड नोट पहुंचा, दोस्त बोला- 500 के लिए चोर बना दिया ‘अंशु कश्यप को 10 सालों से जानता हूं। वह पैसों से ज्यादा दोस्तों और संबंधों को महत्व देता था। वह जिंदादिल इंसान था। दोस्तों पर पलभर में पैसा खर्च देता था। मात्र 500 रुपए के लिए वह सुसाइड कर लेगा, ये बात समझ में नहीं आ रही है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।’ पूरी खबर पढ़ें
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