फिरोजाबाद में एक पिता ने अपने 10 वर्षीय बेटे मयंक की हंसिया से वार कर हत्या कर दी थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव जिजौली पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस से नोकझोक भी हुई। पुलिस ने आरोपी पिता राजेश कुमार राजपूत को हिरासत में ले लिया है। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मयंक का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव जिजौली पहुंचा। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने चाचा के घर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने ‘पुलिस मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात पर अड़े रहे। सीओ ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया। जब पुलिस शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हटाया और शव को खेत में दफनाया गया। मुहल्ला जिजौली निवासी राजेश कुमार राजपूत पर अपनी पत्नी उर्मिला से विवाद के चलते बेटे मयंक की हत्या का आरोप है। विवाद के बाद उर्मिला अपनी बेटी ममता और बेटे मयंक के साथ ससुराल में ही एक अलग घर में रह रही थी। सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जब उर्मिला स्कूल से घर लौटी, तो उसने सीढ़ियों पर खून बिखरा देखा और मयंक लापता था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर रखे एक बक्से से मयंक का खून से लथपथ शव बरामद किया। इस मामले में उर्मिला ने अपने पति राजेश और उसके भाइयों सौरभ, विकास और चंचल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। घटना के बाद से मां और ननिहाल पक्ष के लोगों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। गांव में भी घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। मंगलवार सुबह 11 बजे गांव की महिलाओं ने सब्जी मंडी के सामने सड़क जाम कर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की थी, जिसे सीओ अंबरीश कुमार ने शाम तक गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया था।
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