एमएसएमई-विकास कार्यालय में मंगलवार को दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट कार्यक्रम एवं एमएसएमई एक्सपो–2026 का शुभारंभ किया गया। एक्सपो में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, विभागों, बैंकों एवं एमएसएमई इकाइयों द्वारा 87 से अधिक स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया गया। उद्घाटन अवसर पर संयुक्त निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अपनी कुल खरीद का 25 प्रतिशत सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयों से करना अनिवार्य है, जिसमें 4 प्रतिशत अनुसूचित जाति/जनजाति तथा 3 प्रतिशत महिला उद्यमियों की इकाइयों से खरीद शामिल है। जीडीपी में एमएसएमई का 30 प्रतिशत योगदान मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर टी. रजनीश, डीजीक्यूए ने कहा कि देश की जीडीपी में एमएसएमई क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत योगदान है। रोजगार सृजन में इसकी भागीदारी 62 प्रतिशत तक है। उन्होंने उद्यमियों से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के अनुरूप कार्य करने पर बल दिया। संयुक्त आयुक्त उद्योग सुनील कुमार ने सरकार की औद्योगिक योजनाओं की जानकारी देते हुए उद्यमियों से इनका लाभ लेकर कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया। हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के उप महाप्रबंधक सुरेश चन्द्र मीणा ने सृजन पोर्टल के माध्यम से वेंडर पंजीकरण की जानकारी देते हुए कहा कि एमएसएमई का छोटा योगदान भी देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अच्छे उत्पाद बनाकर एलिम्को को दें एलिम्को के उप मुख्य सामग्री प्रबंधक रवि रंजन ने उद्यमियों से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाकर एलिम्को जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को आपूर्ति करने की अपील की। आयुध निर्माणी के वर्क्स मैनेजर संजय गुप्ता ने बताया कि संस्थान द्वारा लगभग 90 प्रतिशत खरीद एमएसएमई क्षेत्र से की जाती है तथा उद्यमी संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण कर अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। एक्सपो में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, एलिम्को, बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक सहित 82 से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इकाइयों ने सहभागिता की।
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