नवाबगंज थानाक्षेत्र में एडवोकेट राजाराम वर्मा हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी या मजिस्ट्रेट से कराने की मांग अधिवक्ता करेंगे, जिससे पूरे हत्याकांड का सच सामने आ सके। मंगलवार को बार व लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्रियों की बैठक यह निर्णय लिया गया। फिलहाल अभी किसी तरह के आंदोलन को लेकर कोई रणनीति तय नहीं हो सकी है। शनिवार को पूर्व महामंत्री को पुलिस ने उठाया था वर्ष 2021 में नवाबगंज निवासी अधिवक्ता राजाराम वर्मा की गोली मार कर हत्या के मामले में शनिवार को कानपुर बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लेने से नाराज वकीलों ने शनिवार शाम को जमकर हंगामा किया था। वह नवाबगंज थाने को घेरकर धरने पर बैठ गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंचे थे, मौके पर 10 थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा और PAC को भी बुलाया गया था। हंगामें की जानकारी पर भाजपा उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित व महापौर प्रमिला पांडेय के बेटे अनुराग पांडेय पहुंचे थे। करीब 7 घंटे चली पूछताछ के बाद राकेश तिवारी समेत दोनों व्यापारियों को पुलिस ने रात 12.30 बजे छोड़ दिया था। अधिवक्ताओं पर हो रही कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को बार और लॉयर्स एसोसिएशन के महामंत्री अमित सिंह और राजीव यादव के बीच वार्ता हुई। कल पूर्व पदाधिकारियों संग होगी बैठक दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। बार की तरफ से जहां राकेश तिवारी के साथ घटी घटना पर आंदोलन छेड़ने की बात कही गई, वहीं लॉयर्स की तरफ से इससे पहले कई अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई होने के बावजूद कोई आंदोलन न किए जाने का तर्क रखा गया। दोनों पक्षों में कानूनी तरीके से मुद्दे का हल करने पर विचार-विमर्श हुआ। बुधवार को बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ भी बैठक होगी।
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