बलिया के खेजूरी थाना क्षेत्र के हाथोज गांव में मंगलवार दोपहर तनाव की स्थिति बन गई। तहसील प्रशासन ने न्यायालय के आदेश पर सरकारी जमीन (गड़ही) पर बने अतिक्रमित मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। जैसे ही बुलडोजर अतिक्रमण हटाने पहुंचा, कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध जल्द ही उग्र हो गया और आक्रोशित भीड़ ने बुलडोजर पर हमला कर दिया, जिससे मशीन का शीशा टूट गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहले से तैनात पांच थानों की पुलिस फोर्स ने मोर्चा संभाला। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बावजूद, विरोध जारी रहा और हालात बिगड़ने पर पीएसी की एक गाड़ी भी बुलानी पड़ी। भीड़ ने पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने घरों में घुसकर मोटरसाइकिल, बिजली के उपकरण और घरों के शीशे तोड़ दिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने महिलाओं सहित सभी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यह कार्रवाई गांव निवासी सिद्धार्थ रंजन राय पुत्र सुनील कुमार राय द्वारा गड़ही की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को लेकर दायर याचिका के बाद हुई। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि न्यायालय के आदेश का पालन अनिवार्य है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर रख रहा है। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार देवेंद्र नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार सीपी यादव, कानूनगो राजेश सिंह, लेखपाल अमित राय, एडिशनल एसपी उत्तरी और पांच थानों के थाना प्रभारी व थानाध्यक्ष मौजूद थे।
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