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लखनऊ मेयर ने बैठक में 4 जोनल अधिकारियों को फटकारा:जल निगम के 3 एक्सईएन को भगाया, 60 पार्षद गायब रहे, सीवर और पेयजल के मुद्दों पर हंगामा

लखनऊ में मेयर सुषमा खर्कवाल ने पार्षदों और अधिकारियों के साथ में नगर निगम की बैठक की। इसमें 27 जनवरी को पार्षदों की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर अधिकारियों ने जवाब दिया। करीब एक घंटे चली बैठक में शहर के 110 पार्षदों में से सिर्फ 50 ही पहुंचे थे। बैठक में सीवर और जल से संबंधित समस्याओं का कोई हल नहीं निकला। बैठक में 27 जनवरी को सदन की बैठक से बिना मेयर को बताए सदन छोड़ने वाले जोनल अधिकारियों जोन 3 आकाश कुमार, जोन 5 विनीत कुमार सिंह, जोन-7 रामेश्वर प्रसाद और जोन-8 के जोनल अधिकारी विकास कुमार सिंह को मेयर ने जमकर फटकार लगाई। उन्होंने बैठक में नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन की बैठक से आप लोग बिना बताए क्यों गए थे, किसने अनुमति दी थी। इसपर मेयर ने इन अधिकारियों का स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि, बैठक के बाद मेयर इसपर कुछ भी बोलने से बचती हुई नजर आईं। वहीं, आगामी कार्यकारिणी की बैठक अब 10-15 फरवरी के बीच हो सकती है। मेयर ने जल निगम के 3 एक्सईएन को भगाया बैठक में जल निगम की समस्याओं से जुड़े हुए मामलों से संबंधित शिकायतों पर जवाब देने के लिए तीन एक्सईएन बैठक में पहुंचे। मेयर ने पूछा कि क्या आप लोग लखनऊ के स्तर पर समस्याओं का निस्तारण करने के लिए सक्षम अधिकारी हैं। इसपर अधिकारियों ने कहा कि उनके जोन शहर में बंटे हुए हैं। इसपर मेयर ने इन अधिकारियों एक्सईएन मनोज कुमार सिंह, अतहर कादरी और दिव्याशूं सिंह को बैठक से बाहर कर दिया। इसके बाद नाराज मेयर ने मामले में जल निगम के अधिकारियों को फोन कर के कहा कि आप लोगों को नगर निगम में सदन की बैठक के लिए बुलाया जाता है, लेकिन आप लोग आते नहीं हैं। इसकी शिकायत शासन के साथ में मंत्री से भी करेंगी। इसके बाद जलकल विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर समीन अख्तर पहुंचे। इस बीच पार्षदों की तरफ से उठाए गए सवालों पर जलकल विभाग के अधिकारी ने कहा कि आप लोग एक ऐसी मीटिंग करिए, जहां पर तरीके से मीटिंग हो पाए। इसपर पार्षद नाराज हो गए, जिसके बाद अधिकारी से माफी मंगवाई गई। उन्होंने तीन बार माफी मंगवाई गई। पार्षदों ने इसे सदन की गरिमा से जोड़ दिया। हालांकि, बाद में मेयर और नगर आयुक्त ने कहा कि सदन की बैठक नहीं करने पर इससे जुड़ी चीजों के बारे में लोगों को पता नहीं होता है। इसलिए ऐसा बयान उनकी तरफ से दे दिया गया। नियम विरुद्ध तरीके से सीवर खोदने पर भी हंगामा पार्षदों ने मुद्दा उठाया है कि नगर निगम की तरफ से जानकीपुरम, सरोजनीनगर और चिनहट में काम किया जा रहा है। यहां पर एक घर के सामने एक सीवर खोदा जा रहा, जबकि नियम है कि दो घर का मिलाकर एक सीवर बनता है। इसपर आपत्ति जाहिर की गई। साथ ही जल निगम के अधिकारियों को कहा गया कि नगर निगम, जलकल और जल निगम के अधिकारी समंव्य बैठक करेंगे और जिन कामों के लिए जल निगम ने खुदाई का काम किया है, उसपर सड़क बनाने के बाद और नगर निगम के इंजीनीयर की रिपोर्ट लगने के बाद ही नगर निगम जल निगम से जुड़े काम को हैंडओवर लेगा। 15 फरवरी के बाद टैक्स कलेक्शन करने वाले पहनेंगे आई कार्ड मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि 15 फरवरी के बाद से शहर में टैक्स कलेक्शन करने वाले कर्मचारी नगर निगम के आई कार्ड में ही नजर आएंगे। इसके लिए नगर निगम की तरफ से आई कार्ड कर्मचारियों के लिए प्रिंट कराया जाएगा। ताकि यह तय किया जा सके कि कोई गलत व्यक्ति टैक्स कलेक्शन के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी न कर सके। मेयर ने मौके पर कहा कि अब आने वाले समय में नगर निगम की सभी संपत्तियों पर तारबाड़ी का काम किया जाएगा। अभी 20 संपत्तियों पर ऐसा किया जाएगा। पूरे शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा ड्राइव मेयर ने बैठक में कहा कि 20 दिसंबर को नगर आयुक्त के साथ में शहर में अतिक्रमण के खिलाफ लालबाग में कार्रवाई की गई थी, लेकिन इसके बाद भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही की गई। मेयर ने कहा कि अब पूरे शहर में अतिक्रमण के खिलाफ ड्राइव चलाई जाएगी। ताकि अतिक्रमण से शहर को मुक्ति दिलाई जा सके। पार्षदों ने उठाई सीवर व पेयजल समस्याएं सीवर पर चर्चा के दौरान कार्यकारिणी सदस्यों और पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं रखीं। पार्षद अरुण राय,अनुराग मिश्रा ‘अन्नू’, सहित अन्य ने चोक सीवर लाइन, सीवर कनेक्टिविटी, टूटे ढक्कन एवं पेयजल से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान जीएम जलकल कुलदीप सिंह एवं स्वेज इंडिया के प्रोजेक्ट हेड राजेश मटपाल को निर्देश दिए गए कि जलकल से संबंधित शिकायतों का निस्तारण 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वेज इंडिया को अनुबंध के अनुसार क्षेत्र में आवश्यक उपकरण तैनात करने के भी कड़े निर्देश दिए गए। सदन में उठे प्रश्नों की भी समीक्षा मेयर ने 27 जनवरी 2026 को आयोजित सदन की सामान्य बैठक में पूछे गए प्रश्नों की समीक्षा की। बैठक में 36 लिखित प्रश्नों तथा 46 मौखिक प्रश्नों के उत्तरों को लेकर नगर निगम एवं जलकल अधिकारियों से जवाब तलब किए गए। सभी उत्तर लिखित रूप में तैयार कर कार्यकारिणी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में डूडा से जुड़ी शिकायतों तथा समाधान दिवस में प्राप्त मामलों की भी समीक्षा की गई। सभी जोनल अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि 15 फरवरी के बाद बिना आईडी कार्ड के कोई भी कर्मी फील्ड में रिकवरी कार्य के लिए नहीं जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कर्मी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अपनी ही सरकार की योजना में भ्रष्टाचार का आरोप
पीएम आवास पैसे लेकर देने का आरोप भाजपा के पार्षद ने डूडा के अधिकारियों पर लगाया। इस पर कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि, प्रदेश की भाजपा सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती हैं। लेकिन उन्हीं के पार्षद अरुण राय ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर सरकार की कलई खोल दी। यह बैठक मात्र औपचारिकता की थी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बैठक में महिला पार्षदों ने सुनवाई न होने का आरोप लगाया
भाजपा की महिला पार्षदों ने कहा कि, सदन की बैठक हो या कोई अन्य बैठक उसमें कुछ ही लोग अपने मुद्दे उठा पाते हैं। महिला पार्षदों ने भाजपा पार्षद दल नेता सुशील तिवारी पम्मी से कहा कि, कुछ लोग हर बैठक को हाईजैक कर लेते हैं। हमारे वार्ड का मुद्दा नहीं उठ पाता है।


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