सोनभद्र के चतरा ब्लॉक के सण्डा गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय सण्डा का मर्जर निरस्त करने और नया भवन बनाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत मण्डा का प्राथमिक विद्यालय भवन जर्जर हो गया था। दो वर्ष पूर्व इसे इस उद्देश्य से ध्वस्त किया गया था कि नया भवन बनाया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। ध्वस्तीकरण के बाद विद्यालय का एक कक्ष बचा था, जिसमें बच्चे पढ़ते थे। हालांकि, इस विद्यालय को प्राथमिक विद्यालय हरनखुरी में विलय कर दिया गया। विलय के बाद शुरुआत में तो बच्चे हरनखुरी विद्यालय गए, लेकिन अब कई बच्चे पढ़ाई के लिए नहीं जा रहे हैं। अभिभावकों ने 29 जनवरी को ग्राम पंचायत की शिक्षा समिति की बैठक में बताया कि हरनखुरी विद्यालय की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है। सण्डा और हरनखुरी के बीच चतरा बंजरिया मार्ग काफी व्यस्त और दुर्घटना संभावित है, जिसके कारण बच्चे विद्यालय नहीं जाते। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अगस्त 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूल विलय प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद सण्डा विद्यालय का विलय हरनखुरी विद्यालय में कर दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि प्राथमिक विद्यालय सण्डा के बच्चों को पुनः बचे हुए एक कक्ष में ही पढ़ाया जाए। साथ ही, प्राथमिक विद्यालय सण्डा के भवन और बाउंड्री निर्माण के लिए धन आवंटित कर कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की।
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