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कानपुर DIOS ने बाबू को गाली दी, जाति-सूचक शब्द कहे:कर्मचारियों ने डीएम से की शिकायत, डीआईओएस बोले…आरोप बेबुनियाद

डीआईओएस कार्यालय में मंगलवार दोपहर जमकर हंगामा हुआ। वरिष्ठ सहायक जितेंद्र ने आरोप लगाया कि वह पत्रावली के संबंध में केबिन में गए थे, तभी डीआईओएस संतोष राय ने उनसे गाली गलौज की व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। घटना की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने डीआईओएस कार्यालय में जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। डीआईओएस कार्यालय में प्रदर्शन के बाद सभी कर्मचारी डीएम ऑफिस पहुंच गए। डीएम संबोधित शिकायती पत्र प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मारने के लिए हाथ भी उठाया डीआईओएस कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक जितेंद्र कुमार ने बताया कि डीआईओएस द्वारा बुलाए जाने पर एक पत्रावली के संबंध में केबिन में गए हुए थे। तभी उन्होंने एक दूसरी पत्रावली के संबंध में जानकारी मांगी। मैंने कहा कि वह पत्रावली तो अभी मेरे पास आई ही नहीं है। इतना सुनते ही दी तत्काल भड़क गए मां की गाली दी और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। वरिष्ठ सहायक का आरोप है की डीआईओएस ने मारने के लिए हाथ भी उठाया है। इसी दौरान आफिस के कुछ कर्मचारी मौके पर आ गए, जिस वजह से वह बच पाए। सीसीटीवी कैमरों की हो जांच यूपी एजुकेशनल मिनिस्टीरियल ऑफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष ललितेश तिवारी ने बताया कि डीआईओएस द्वारा पहले भी इस तरह के कृत्य किए जा चुके हैं। इस मामले में डीआईओएस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच होनी चाहिए। कर्मचारियों पर इस तरह से प्रेशर बनाया जाएगा तो वह आंदोलन होंगे। कर्मचारी एकत्र हुए काम रोका वरिष्ठ सहायक से अभद्रता की सूचना पर कर्मचारी एकत्र हुए और डीआईओएस कार्यालय में काम रोक दिया। इस मौके पर ममता सोनकर, शंकर लाल, सत्यवीर सचान नरेंद्र कटियार, रंजीत सिंह, अखिलेश आनंद, रजनीश प्रकाश श्रीवास्तव और संतोष तिवारी आदि रहे। गाली नहीं दी, काम न करने पर डांटा डीआईओएस संतोष राय ने कहा कि आरोप निराधार हैं। जितेंद्र हमारे यहां लिपिक हैं, इनको अधिष्ठान व प्रोजेक्ट अलंकार का काम दिया गया है। इनके द्वारा कामों का समय से निर्वहन नहीं किया जा रहा है। इनको इस संबंध में कई बार मौखिक चेतावनी भी दी जा चुकी है। कार्यालय में रहते नहीं हैं, डीडीआर आफिस में बैठते हैं। समर कैंप में काम करने वाले शिक्षकों की अवकाश स्वीकृति के लिए बीते दो तीन महीनों से कहा जा रहा है। बुलाकर पूछताछ की जा रही थी। तभी जोर जोर से चिल्लाने लगे कि प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके द्वारा तेज आ‌वाज में बात की गई। उनके साथ गाली गलौज व अभद्रता नहीं की गई। काम न करने के लिए डांटा अवश्य गया है।


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