अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के देवीगंज में आयोजित एक भंडारे में अखंड हिंदू राष्ट्र मोर्चा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगा राम तिवारी ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने दावा किया कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो पूरी तरह से मुद्रा विहीन हो चुका है। और डॉलर पर निर्भर हो गया है। गंगाराम तिवारी ने आरोप लगाया कि भारत की सरकारों ने 77 वर्षों के भीतर देश को डॉलर पर निर्भर राष्ट्र बनाने का षड्यंत्र रचा है। उन्होंने 15 अगस्त 1947 को हुए ‘ट्रांसफर ऑफ पावर एग्रीमेंट’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भारतीय मुद्रा 1 रुपये के बराबर 1 डॉलर था, लेकिन 31 दिसंबर 1947 तक डॉलर का मूल्य 3 रुपये 30 पैसे हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन की कंपनी आरबीआई द्वारा भारत को दिए जाने वाले रुपये के निर्माण में आज भी 777 मिलीग्राम सोना देना पड़ता है। तिवारी के अनुसार, 4 अप्रैल 1968 को लालकृष्ण को आरबीआई का गवर्नर नियुक्त कर भारतीय रुपये को गारंटी पत्र में बदल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में भारत के किसी नागरिक के पास रुपया नहीं, बल्कि आरबीआई का गारंटी पत्र है, जिसका कोई मूल्यांकन नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में डॉलर का मूल्य लगभग 91.68 से 92 रुपये बताया। उन्होंने सरकार पर संवैधानिक रूप से धारा 377 और 497 हटाने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार, धारा 377 हटाने से भारत की महिलाओं की स्थिति कमजोर हुई है, और धारा 497 हटाकर भारत को ‘व्यभिचारी राष्ट्र’ घोषित कर दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मोहन भागवत पर मैकाले के सपने को पूरा करने का आरोप लगाया। तिवारी ने कहा कि उनके षड्यंत्र के कारण भारत पूर्ण रूप से ईसाई राष्ट्र घोषित हो चुका है। तिवारी ने पिछले कुंभ मेले में ‘षड्यंत्रकारी शक्तियों’ द्वारा हिंदुओं को मौत के घाट उतारने और शंकराचार्यों व बटुकों की चोटियां खींचकर अपमानित करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इस घटना को देश का दुर्भाग्य बताया।
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