गोंडा जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में आज मंगलवार को एक 59 वर्षीय महिला की नाले में डूबने से मौत हो गई। तुलसीपुर माझा के मजरे फार्म नंबर 1 निवासी आशा देवी गन्ना छीलने जा रही थीं, तभी जरही नाले को पार करते समय उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गईं। वहां से गुजर रहे लोगों ने उन्हें पानी में देखा और इसकी सूचना दी। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने आशा देवी को नाले से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका आशा देवी के चार बेटे और चार बेटियां हैं। इनमें से तीन बेटे और तीन बेटियां विवाहित हैं। उनके बड़े बेटे अरुण मजदूरी करते हैं, जबकि विक्रांत दिल्ली में और अखिलेश दुबई में काम करते हैं। सत्येंद्र घर पर रहते हैं। गांव में मृतका की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के एक झोलाछाप डॉक्टर ने मृतका के पति को शराब पिलाकर और अन्य प्रलोभन देकर उनकी सारी जमीन अपने नाम लिखवा ली थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। मंगलवार को भी आशा देवी ने बैनामा की गई जमीन वापस लेने की बात कही थी, जिस पर पति-पत्नी में विवाद हुआ था। मृतका के बेटे सत्येंद्र ने भी विवाद होने की बात बताई है। हालांकि, पति तिलकराम भारती ने नवाबगंज थाने में लिखित शिकायत दी है कि उनकी पत्नी की मौत डूबने से हुई है, जिसमें उन्होंने विवाद का कोई जिक्र नहीं किया। नवाबगंज थाने की पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वही नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भी दिया गया है। जांच में जो भी निकाल कर आएगा उसके आधार पर नवाबगंज थाने की पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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