बरेली में महाशिवरात्रि, होली और शबे-बारात जैसे त्योहारों के साथ-साथ परीक्षाएं भी सिर पर हैं। खुफिया तंत्र से इनपुट मिला है कि कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की फिराक में हैं। इसी आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल प्रभाव से बरेली जिले में धारा-163 (पूर्व में धारा-144) लागू कर दी है। डीएम ने स्पष्ट कहा है कि लोक शांति भंग करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है। भीड़ जुटने और धरने पर पूरी तरह रोक नए आदेश के मुताबिक, अब जिले में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक साथ इकट्ठा नहीं हो पाएंगे। अगर कोई संगठन या समूह धरना, प्रदर्शन या जुलूस निकालना चाहता है, तो उसे पहले सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान इस पाबंदी से छूट दी गई है, लेकिन आम जनता के लिए नियम कड़े रहेंगे। हथियार और घातक सामान लेकर चलना मना सुरक्षा के मद्देनजर अब कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक मार्ग पर लाठी, डंडा, तलवार, चाकू या किसी भी तरह का तेज धार वाला हथियार लेकर नहीं चल सकेगा। केवल ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और सहारे के लिए डंडा रखने वाले बुजुर्गों को छूट मिलेगी। इसके अलावा, किसी भी घर या दुकान में तेजाब, ईंट-पत्थर या विस्फोटक सामग्री जमा करने पर भी पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। लाउडस्पीकर पर ‘सुप्रीम’ पहरा ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पूरी तरह शांत रहेंगे। चुनावी प्रचार या किसी सभा के लिए भी सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच ही अनुमति मिलेगी, वह भी इस शर्त पर कि छात्रों और मरीजों को कोई तकलीफ न हो। नियम तोड़ने वालों के उपकरण तुरंत जब्त किए जाएंगे। सोशल मीडिया और पोस्टरों पर कड़ी निगरानी अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्टर छापने वालों के खिलाफ प्रशासन ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाएगा। कोई भी ऐसा लेख, पोस्टर या भाषण प्रतिबंधित है जिससे धार्मिक या सामाजिक विद्वेष फैले। महापुरुषों के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों और अफवाहों को हवा देने वालों के खिलाफ सीधा मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। परीक्षा केंद्रों के पास की दुकानें रहेंगी बंद बोर्ड और अन्य परीक्षाओं को देखते हुए डीएम ने खास निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दौरान सेंटर के 200 मीटर के दायरे में आने वाली फोटो स्टेट और कंप्यूटर की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। इसके पीछे का उद्देश्य पेपर लीक या किसी भी तरह की नकल की संभावना को जड़ से खत्म करना है। साइबर कैफे और होटलों के लिए गाइडलाइन सुरक्षा की दृष्टि से अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना पुख्ता पहचान (ID) के होटल, सराय या साइबर कैफे में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही, सार्वजनिक या निजी संपत्ति पर बिना मालिक की अनुमति के पोस्टर चिपकाने या वॉल राइटिंग करने पर भी रोक है। नियम का उल्लंघन करने पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
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