DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

गाजियाबाद में निवाड़ी SHO जयपाल रावत अरेस्ट:विजिलेंस ने छापा मारकर पकड़ा, 50 हजार की रिश्वत ली थी

गाजियाबाद के निवाड़ी थाने के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह की रावत को विजिलेंस टीम ने अरेस्ट किया है। उनके पास से रिश्वत के 50 हजार रुपए भी बरामद कर लिए हैं। निवाड़ी इंस्पेक्टर को लेकर पूर्व में शिकायत हुई थी। जिसमें बताया गया था कि वह बिना पैसे लिए काम नहीं करते हैं। उन पर एक व्यक्ति से 50 हजार रुपए लेने का आरोप लगा था। 2 जनवरी को लिखा फर्जी मुकदमा गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र के अबुपुर गांव निवासी राकेश कुमार उर्फ बिट्‌टू गांव के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। वह साल 2000 से 2005 तक प्रधान रहे। पूर्व प्रधान की पत्नी हापुड़ के हाफिजपुर में सरकारी शिक्षिका हैं। पूर्व प्रधान ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को मेरे खिलाफ फर्जी केस पुलिस ने दर्ज किया। यह केस मेरे खिलाफ विजय सिंह ने लिखाया, कि मैं मैंने सीएम और पीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की है। 2 तारीख की शाम 4 बजे घटना दिखाई गई, उस समय मैं एसबीआई बैंक में था। पूर्व प्रधान ने कहा कि मेरी लोकेशन देखी जाए। सीसी टीवी चैक की जाए। मैंने किसी भी ग्रुप में कुछ नहीं लिखा। मेरी गांव के विजय सिंह से चुनावी रंजिश चल रही है। मेरे खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद मुझे इंस्पेक्टर जयपाल रावत ने कहा कि तुझे जेल भेज दूंगा, नहीं तो 50 हजार रुपये दिए जाएं। सब अधिकारियों से मिला, मेरी नहीं सुनी पीड़ित पूर्व प्रधान ने कहा कि मुझ पर फर्जी केस दर्ज किया गया। मैं एसीपी मोदीनगर से मिला। डीसपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी से मिला। उच्च अधिकारियों से मिला। मेरी पत्नी बबीता रानी ने अपने नाम से शिकायत पत्र दिया। मुझे आश्वासन देते रहे कि जांच करांएगे। इंस्पेक्टर खुद मेरे घर दबिश देने पहुंच गए। मुझे जेल भेजने के नाम पर इतना टॉर्चर किया कि मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई। एक महीने से मैं अधिकारियों के चक्कर काट रहा हूं। 1 फरवरी को इंस्पेक्टर मेरे घर पर दबिश देने पहुंच गए। मुझे जेल भेजने के नाम पर गालियां दीं। हार थककर मैनें मेरठ में विजिलेंस में शिकायत की। जिसके बाद मुझसे जो 50 हजार रुपये मांगे, आज मैंने 50 हजार रुपये इंस्पेक्टर को उनके ऑफिस में दे दिए। इसके बाद टीम ने मौके से पकड़ लिया। 10 दिसंबर को मैंने असीम अरुण का कार्यक्रम कराया पीड़ित प्रधान ने बताया कि 10 दिसंबर को जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरुण का कार्यक्रम भी कराया। लाइब्रेरी उदघाटन कराया था, मेरे मकान के चारों तरफ कैमरे लगे हैं, बोर्ड उखाड़ने का आरोप लगाया। जिस समय की घटना दर्शाई गई, जबकि उस समय की मेरी लोकेशन बैंक की थी। इंस्पेक्टर कहते थे बिना मेरे आदेश के आईओ नाम नहीं निकालेगा, यदि पैसे नहीं दिए तो चाहे एक दिन के लिए शांतिभंग में जेल भेजूं, जेल जरूर भेजूंगा। जिसके बाद मैंने मेरठ में शिकायत की।


https://ift.tt/Hit3kzr

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *