DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

बिजली विभाग की मनमानी पर व्यापारियों का हल्लाबोल:मुख्यमंत्री को 19 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

प्रीपेड मीटर की विसंगतियों और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बिजली विभाग के कथित उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष एम.ए. जिलानी के निर्देश पर जिले के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। पीलीभीत मुख्यालय पर नगर महामंत्री राशिद अंसारी के नेतृत्व में व्यापारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। वहीं, पूरनपुर में नगर अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। व्यापारियों ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रीपेड मीटर लगाने से पहले उपभोक्ताओं की पुरानी जमा सिक्योरिटी राशि वापस की जाए। साथ ही, फिक्स चार्ज, मिनिमम चार्ज और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी को समाप्त कर ‘शुद्ध उपभोग’ (जितनी बिजली खर्च, उतना बिल) की व्यवस्था लागू की जाए। बंद पड़े मकानों पर लगने वाले अनावश्यक शुल्क को तुरंत हटाने की भी मांग की गई है।
संगठन ने आरोप लगाया कि विभाग लैब जांच और चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं का शोषण कर रहा है। व्यापारियों ने मांग की है कि मीटर बदलते समय मौके पर ही ‘सीलिंग सर्टिफिकेट’ देना अनिवार्य किया जाए, ताकि बाद में एफआईआर का डर दिखाकर वसूली न की जा सके। इसके अतिरिक्त, बिजली कटौती का रोस्टर सार्वजनिक करने और शिकायतों की पावती देने की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन में दशकों पुराने पी.डी. कनेक्शनों के नाम पर आर.सी. जारी करने को अवैध बताया गया। प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना का लाभ सभी को नहीं मिला और इन समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो व्यापारी बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान शैली शर्मा, आशीष लोधी, एडवोकेट आर.के. शर्मा, सरदार मोहन सिंह, रवि जायसवाल और सैयद जफर अली सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व व्यापारी मौजूद रहे।


https://ift.tt/XFuh4SP

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *