अलीगढ़ में तहसील कोल की रिकवरी टीम की दबिश के दौरान थाना क्वार्सी क्षेत्र के जीवनगढ़ निवासी 55 वर्षीय इस्माइल की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि टीम ने न केवल घर में घुसकर अभद्रता की, बल्कि इस्माइल को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए। इसी बदसलूकी और सदमे के कारण उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। 40 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए लिया था लोन पूरा मामला एक पुराने कर्ज से जुड़ा है। इस्माइल ने कुछ साल पहले एक निजी कंपनी से 40 वर्ग मीटर का प्लॉट खरीदने के लिए करीब 1.47 लाख रुपए का लोन लिया था। घरों में पेंट करने का काम करने वाले इस्माइल की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे समय पर किस्तें नहीं चुका पाए। कोर्ट ने तहसीलदार को किया था तलब मामला 2024 में अदालत पहुंचा और कई बार संपत्ति की नीलामी की कोशिश की गई, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। हाल ही में एडीजे कोर्ट ने इस मामले में तहसीलदार को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था, जिसके बाद रिकवरी टीम पर कार्रवाई का भारी दबाव था। घर में घुसते ही की अभद्रता मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे अमीन सतेंद्र चौहान और खजान सिंह समेत तीन-चार कर्मचारी और एक होमगार्ड बोलेरो गाड़ी से इस्माइल के घर पहुंचे। परिजन का कहना है कि टीम ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और इस्माइल को जबरन गाड़ी में डाल लिया। गाड़ी के अंदर भी टॉर्चर करने का आरोप आरोप है कि चलती गाड़ी के भीतर भी उनके साथ बदसलूकी की गई, जिससे वे घबरा गए और उन्हें गहरा सदमा लगा। जब उनकी हालत बिगड़ी तो टीम उन्हें जिला मलखान सिंह अस्पताल ले गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों का कहना है कि इस्माइल को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था। जांच कर होगी कार्रवाई एडीएम प्रशासन पंकज कुमार का कहना है कि टीम की मौजूदगी में इस्माइल खुद घर से आए थे और तहसील पहुंचने के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हुई। इसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एडीएम का कहना है कि अगर रिकवरी टीम की ओर से किसी भी तरह की जबरदस्ती या अभद्रता के प्रमाण मिलते हैं, तो जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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