शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा- सरकार और प्रशासनिक तंत्र जानबूझकर ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे हिंदू समाज, विशेषकर गुरुकुलों में पढ़ने वाले बालकों के मन में भय पैदा हो रहा है। बच्चे पूछ रहे हैं कि यदि उनके मठ पर बुलडोजर चला दिया गया तो वे कहां पढ़ेंगे। मंगलवार की सुबह प्रवास पर जाने से पहले वाराणसी स्थित आश्रम में उन्होंने कहा- मुगल काल में भी हिंदुओं ने अपने धार्मिक प्रतीकों की रक्षा के लिए बलिदान दिए, लेकिन चोटी नहीं कटवाई। लेकिन आज वही चोटी पुलिस पकड़-पकड़ कर उखाड़ रही है। इससे हिंदू समाज को मानसिक रूप से डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि गौ माता को चोट पहुंचाने वालों को वोट न दिया जाए। गुरुकुल के बच्चे बोले- क्या मठ पर भी बुलडोजर चलेगा शंकराचार्य ने कहा- गुरुकुल के बच्चों में डर है। बच्चों का कहना है कि यदि उनके मठ पर बुलडोजर चला दिया गया तो वे कहां पढ़ेंगे। बच्चों का कहना है कि सरकार के खिलाफ बोलने पर बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने इसे सुनियोजित भय का वातावरण बताया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य यह है कि हिंदू बालक गुरुकुलों में जाकर सनातन धर्म का अध्ययन न करें और भविष्य में धर्म प्रचारक न बन सकें। उन्होंने इसे हिंदू व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश करार दिया। शंकराचार्य बोले- गाय मांस के निर्यात पर लगे रोक शंकराचार्य ने कहा- एक ओर मुख्यमंत्री स्वयं को सन्यासी और गिरवाधारी कहते हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश से भारी मात्रा में मांस का निर्यात हो रहा है। उनका दावा है कि भैंस के मांस के नाम पर गोमांस का व्यापार किया जा रहा है और जब्त किए गए कंटेनरों की प्रयोगशाला जांच में गाय के मांस की पुष्टि होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसा व्यक्ति गिरवाधारी और संन्यासी कहलाने योग्य है। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि गौ माता को चोट पहुंचाने वालों को वोट न दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि “मार मार के ठीक करेंगे” का अर्थ हिंसा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से वोट न देने से है। शंकराचार्य ने कहा- 40 दिन का दिया है समय शंकराचार्य ने कहा-अब झूठ का दौर समाप्त होने वाला है और सनातन धर्मियों को सच्चाई के साथ खड़ा होना होगा। मैंने 40 दिनों का समय देते हुए अपील की कि जो लोग भगवा वस्त्र पहनकर मांस व्यापार से जुड़े हैं, वे या तो यह व्यापार छोड़ें या पाखंड बंद करें। उन्होंने कहा- एक शंकराचार्य के रूप में सनातन धर्मियों के सामने सत्य रखना उनका दायित्व है और वे इस दायित्व को निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। आप सांसद संजय सिंह बोले- माघ मेला में शंकराचार्य के साथ जो हुआ गलत संजय सिंह ने सोमवार के सत्र में संसद भवन में कहा -माघ मेला हुआ, बड़ी चर्चा हुई। वहां दुखद घटना हुई। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद स्नान करने जा रहे थे। उनके शिष्यों और बटुकों को चोटी पकड़ घसीट के मारा गया। शंकराचार्य की मांग थी कि सरकार-प्रशासन गलती मान ले, तो स्नान करूंगा। बिना स्नान किए शंकराचार्य चले गए। संजय सिंह ने कहा- कितने बड़े धर्म के ठेकेदार हो कि तहसील के माध्यम से चिट्ठी भेजते हो- बताओ तुम शंकराचार्य हो कि नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस देश में अब अरावली पर्वत को बताना है कि पर्वत हो कि नहीं हो, दिल्ली कि हवाओं को बताना होगा कि तुम प्रदूषित हो कि नहीं हो। इस देश के वोटर को बताना होगा कि वो देश के नागरिक हैं कि नहीं हैं। जो 12 साल में डिग्री नहीं दिखा पाए, वे शंकराचार्य से सबूत मांगते हैं संजय सिंह ने कहा- जो 12 साल में अपनी डिग्री नहीं दिखा पाए, वे शंकराचार्य से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगते हैं। उन्होंने दुनिया में भारत की धाक बढ़ने के दावे को लेकर कहा कि हमने देखा कि किस तरह से बेड़ियों में जकड़ के अमेरिका से भारतीयों को वापस लाया गया। हमने देखा कि ट्रंप ने बार-बार कहा कि टैरिफ और डील की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया। ————————–
ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- अयोध्या GST अफसर ने थूककर चाटा:भैंस के मांस के नाम पर गौमांस विदेशों में भेजा जा रहा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह इस्तीफा वापस लेने पर तंज कसा। उन्होंने हंसते हुए कहा- बरेली मजिस्ट्रेट के इस्तीफा देने के बाद जो त्याग पत्र दिलवाया गया था। वो वापस हो चुका है। आदमी थूक कर चाट चुका है। हमने तभी कहा था कि ये जो त्याग पत्र दिया गया है वो चार दिन में वापस होगा। और वही हुआ। पढ़िए पूरी खबर
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