लखनऊ के सीएमओ ऑफिस में कार्यरत महिला बाबू पर वित्तीय अनियमित्ता के आरोप में डिमोशन कर दिया गया। निदेशक प्रशासन ने आदेश जारी करके वरिष्ठ महिला बाबू को दंड लगाते हुए कनिष्ठ पद पर तैनाती किए जाने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं वित्तीय मामलों से जुड़े किसी भी पटल पर न रखने का आदेश दिया है। निदेशक प्रशासन ने सीएमओ को सोमवार को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह था पूरा मामला
रानीलक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पताल में वरिष्ठ सहायक पद पर रेखा तोमर तैनात रहीं थीं। रेखा के पास राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा कर्मचारियों के मानदेय और यूजर चार्जेज से संबंधित कार्य देखा जा रहा था। उन्होंने अपनी तैनाती के दौरान जुलाई 2019 से जुलाई 2021 तक यूजर चार्जेज 7,92,358 रुपए कोषागार में जमा करना था। मामला पकड़े जाने पर महिला ने 30 मार्च 2022 तक 3,14,600 रुपए रोगी कल्याण समिति के खाते में जमा किया। बाकी 4,77,758 रुपए ब्याज सहित धनराशि देय है, जिसे आज तक जमा नहीं किया है। बाद में वह सीएमओ कार्यालय लखनऊ में वरिष्ठ सहायक पद पर ही संबद्ध कर दी गईं। मामले की जांच देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक को मिली थी। अपर निदेशक ने अपनी 113 पन्नों की जांच रिपोर्ट में महिला बाबू को दोषी बीते साल ठहराया था। पूरे मामले की रिपोर्ट निदेशक प्रशासन को भेजा था। जहां पर अभी तक कार्रवाई लंबित पड़ी थी। निदेशक प्रशासन डॉ. अलका वर्मा ने अपर निदेशक की जांच रिपोर्ट पर महिला बाबू पर दंड लगाते हुए कनिष्ठ पद पर तैनाती किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 16253 रुपये की महिला बाबू से वसूल करके कोषागार में जमा कराए जाने के निर्देश दिए हैं। निदेशक प्रशासन ने महिला बाबू को किसी संवेदनशील व वित्तीय पटल पर तैनाती न किए जाने के निर्देश सीएमओ को दिए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है निदेशक प्रशासन का पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। जो भी आदेश होगा उसका सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
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