अलीगढ़ महोत्सव (नुमाइश) के ऐतिहासिक कोहिनूर मंच पर सोमवार की रात सुरों और शोर के नाम रही। मौका था मशहूर पंजाबी गायक मीका सिंह की ‘म्यूजिकल नाइट’ का। मीका के मंच पर आते ही युवाओं का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। हालांकि, इस शानदार शाम में पुलिस की सख्ती और अव्यवस्था ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। हालात ये थे कि एटा के पूर्व सांसद और भाजपा विधायकों तक को पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया, जिससे काफी देर तक हंगामा होता रहा। ’ढिंका चिका’ और ‘जुम्मे की रात’ पर झूमे जैसे ही मीका सिंह ने ‘ढिंका चिका’ गाने के साथ एंट्री ली, पूरा पंडाल तालियों और सीटियों से गूंज उठा। मीका ने एक के बाद एक ‘जुम्मे की रात’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘आंख मारे’ और ‘आपका क्या होगा जनाबे आली’ जैसे सुपरहिट गीतों की झड़ी लगा दी। ठिठुरती ठंड के बावजूद दर्शकों की दीवानगी ऐसी थी कि लोग कुर्सियों पर खड़े होकर नाचने लगे। मीका ने पुराने गानों जैसे ‘ये शाम मस्तानी’ और ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत’ को अपने खास अंदाज में गाकर बुजुर्गों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया। खास मेहमानों रोका, गेट पर तीखी झड़प कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़ को संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया। स्थिति तब बिगड़ी जब एटा के पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया को पुलिस और पीएसी के जवानों ने गेट पर ही रोक दिया। इसके अलावा विधायक राजकुमार सहयोगी और भाजपा नेता प्रवीन राज सिंह को भी प्रवेश के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। VIP पास वाले भी परेशान भाजयुमो जिलाध्यक्ष धर्मवीर लोधी की पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। जिन लोगों के पास VIP पास थे, उन्हें भी धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति संभली और माननीयों को अंदर जाने दिया गया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस से उलझे दर्शक नुमाइश ग्राउंड के चारों ओर सुरक्षा का घेरा इतना सख्त था कि आम जनता को कोहिनूर मंच तक पहुंचने में पसीने छूट गए। कई जगहों पर पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान भी दर्शकों और पुलिस के बीच कई बार झड़प जैसी स्थिति बनी रही। इन दिग्गजों ने किया शुभारंभ कार्यक्रम का औपचारिक आगाज मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने किया। उनके साथ विधायक राजकुमार सहयोगी, जिलाधिकारी संजीव रंजन, एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव और बीएसए डॉ. राकेश कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अलीगढ़ की नुमाइश केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति का प्रतीक है।
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