रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रेल बजट 2026-27 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का लाइव प्रसारण गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय में किया गया, जहां रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेल मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। इसके लिए दोनों रूट पर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक जाएगा और इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। रेल मंत्री ने बताया कि इस बार भारतीय रेलवे को 2.78 लाख करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। इसमें से 1.20 लाख करोड़ रुपये केवल संरक्षा (सेफ्टी) के लिए रखे गए हैं। उत्तर प्रदेश में 157 अमृत भारत स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए बजट मिला है, जिनमें गोरखपुर रेलवे स्टेशन भी शामिल है। इससे स्टेशनों की सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा। गोरखपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, सचिव महाप्रबंधक और अन्य अधिकारी इस कार्यक्रम से जुड़े। दैनिक भास्कर से बातचीत में महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि यह बजट रेलवे को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में रेलवे की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही 13 नए अमृत भारत स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर बन रहा नया फुट ओवरब्रिज दशहरा–दीवाली तक पूरा हो जाएगा। अभी निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन काम पूरा होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। रेल बजट 2026-27 के मुख्य बिंदु
भारतीय रेल को पूंजीगत व्यय के लिए कुल 2.78 लाख करोड़ रुपये का आवंटन।
रेलवे की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये का बजट।
उत्तर प्रदेश को रिकॉर्ड 20,012 करोड़ रुपये का आवंटन।
उत्तर प्रदेश में शत-प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण का कार्य पूरा।
उत्तर प्रदेश में 92,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं।
यूपी में 157 अमृत भारत स्टेशनों का पुनर्विकास, जिनमें गोरखपुर स्टेशन भी शामिल।
देश में स्वीकृत 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 यूपी में (दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी)।
पूर्वोत्तर रेलवे में नई रेल लाइन परियोजनाएं
सहजनवा–दोहरीघाट (81.17 किमी.)
1,319 करोड़ रुपये की लागत से तीन चरणों में निर्माण।
खलीलाबाद–बांसी–डुमरियागंज–श्रावस्ती–बहराइच (240 किमी.)
4,939.78 करोड़ रुपये की लागत से तराई और आकांक्षी जिलों को जोड़ेगी।
आनंदनगर–महराजगंज–घुघली (51.30 किमी.)
1,409.09 करोड़ रुपये की लागत से दो चरणों में निर्माण।
पनियहवा–छितौनी–तमकुही रोड (64.19 किमी.)
895 करोड़ रुपये की लागत से कुशीनगर और पडरौना क्षेत्र को लाभ।
एटा–कासगंज (29 किमी.)
776.9 करोड़ रुपये की लागत से नई रेल लाइन का निर्माण। अन्य अहम जानकारियां
इज्जतनगर क्षेत्र में एआई आधारित एलीफेंट प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे जंगल क्षेत्रों में हाथियों की सुरक्षा हो सके।
पूर्वोत्तर रेलवे पर नई लाइन, तीसरी लाइन, चौथी लाइन और दोहरीकरण की कई परियोजनाएं तेजी से चल रही हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे से 243 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस और 119 जोड़ी सवारी ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
7 जोड़ी वंदे भारत और 9 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं।
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