औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में दो वर्ष पूर्व एक नाबालिग बालिका से हुए दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी पप्पू उर्फ गजराज सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्र ने बताया कि पीड़िता की मां ने दिबियापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर के अनुसार, यह घटना 19 फरवरी 2024 को हुई थी, जब उसकी 12 वर्षीय पुत्री प्राथमिक विद्यालय पढ़ने गई थी। दोपहर के भोजनावकाश के दौरान, गांव का ही पप्पू उर्फ गजराज सिंह पीड़िता को बुलाने लगा। उसने रुपए और खिचड़ी का लालच देकर बालिका को स्कूल के पीछे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपित ने उसे 20 रुपये देकर घर भेज दिया। वादिनी के अनुसार, पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर है और उसकी सोचने-समझने की क्षमता कम है। विद्यालय के शिक्षकों और खाना बनाने वाली महिलाओं ने आरोपित को स्कूल के आसपास चक्कर लगाते देखा था। पीड़िता के कपड़ों पर खून लगा देखकर परिजनों ने उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद पीड़िता की मां ने थाना दिबियापुर में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपित के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम की अदालत में हुआ। सोमवार को इस मामले में निर्णय सुनाया गया। इससे पूर्व, अभियोजन पक्ष ने 12 वर्ष से कम आयु की बालिका के साथ किए गए इस घिनौने कृत्य के लिए दोषी को कठोरतम दंड देने की बहस की थी। बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद, अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी को सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। साथ ही, जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया गया। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
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