अयोध्या में बिहार प्रांत की दो किशोरियां अलग-अलग स्थानों पर लावारिस हालत में मिलीं। पुलिस ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया और उनके परिजनों को सूचना दी। बाल कल्याण समिति के समक्ष बयान दर्ज करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पहली किशोरी इंदौर-पटना एक्सप्रेस में टीटीई एसके वर्मा को मिली। 14 वर्षीय किशोरी ने पूछताछ में खुद को बिहार के छपरा जनपद स्थित सारन थाना क्षेत्र के घेघटा गोविंदचक्र का निवासी बताया। बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी के अनुसार, वह घर से नाराज होकर ट्रेन से लखनऊ पहुंच गई थी और वापस लौट रही थी। रविवार को टीटीई ने उसे आरपीएफ को सौंपा, जिसने बाद में उसे जीआरपी पुलिस के हवाले कर दिया। परिजनों को सूचना मिलने पर किशोरी की मां और भाई अयोध्या पहुंचे। बाल कल्याण समिति के समक्ष बयान दर्ज करने के बाद किशोरी को उनके सुपुर्द कर दिया गया। दूसरी किशोरी भी बिहार प्रांत की रहने वाली थी और भटक गई थी। उसने अपने बयान में बताया कि वह अपनी सहेलियों के साथ बहराइच घूमने आई थी और वहीं उनसे बिछड़ गई। पुलिस ने पूछताछ के बाद इस किशोरी के परिजनों को भी सूचित किया। परिजनों के अयोध्या पहुंचने पर उसे भी बाल कल्याण समिति के माध्यम से सौंप दिया गया। इस संबंध में बिहार की बाल संरक्षण समिति को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।
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