केंद्रीय बजट पेश होने के बाद सोमवार को कुशीनगर में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कर्मचारी संगठनों ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने केंद्रीय बजट को जनता की उम्मीदों पर खरा न उतरने वाला और जनविरोधी बताया है। सपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट आम जनता के हित में नहीं है। इसमें न युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था है और न ही किसानों, महिलाओं तथा गरीबों के लिए कोई ठोस प्रावधान। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट देश के केवल 5 प्रतिशत अमीरों और पूंजीपतियों के लिए लाया गया है। सपा जिला अध्यक्ष ने सरकार से सवाल किया कि यदि बजट गरीबों के लिए है, तो कौन-सी योजना उनके हित में लाई गई है। उन्होंने कहा कि पूरा बजट पढ़ने के बाद यह स्पष्ट है कि इसमें न नौकरी है, न रोजगार और न ही ग्रामीण भारत के लिए कोई ठोस योजना। समाजवादी पार्टी इस बजट का पुरजोर विरोध करती है। बजट को लेकर सपा नेता डॉ. पी.के. राय ने कहा कि इसमें किए गए सभी वादे खोखले हैं। सरकार 2047 तक विकसित भारत का सपना दिखा रही है, लेकिन बजट में न युवाओं की बात है, न किसानों-मजदूरों की और न ही बुनियादी ढांचे के विकास की। उन्होंने कहा कि यह बजट आगामी चुनावों को देखते हुए कुछ राज्यों को केवल ‘झुनझुना’ थमाने जैसा है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने पर कोई ठोस योजना नहीं है और भारत आज भी विश्व रैंकिंग में 124वें स्थान पर खड़ा है। इस बजट से आम जनता को कोई लाभ नहीं होने वाला। इधर, आम बजट को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद कुशीनगर के अध्यक्ष प्रभुनन्द उपाध्याय ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बजट में कर्मचारियों के लिए कुछ भी नहीं है। इनकम टैक्स में किसी तरह की छूट या बदलाव नहीं किया गया, जबकि कर्मचारी पहले से ही महंगाई और टैक्स के बोझ से दबे हैं। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि पुरानी पेंशन योजना पर सरकार कुछ फैसला करेगी, लेकिन बजट में उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
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