मैनपुरी के कुरावली में लल्लू सिंह इंटर कॉलेज में अनुसूचित जाति के 8वीं के नाबालिग छात्र के साथ मारपीट, जाति सूचक गाली और सार्वजनिक अपमान के मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में जहां एक नामजद शिक्षक ने छात्र के साथ मारपीट की बात स्वीकार की है। वहीं कॉलेज प्रबंधन से जुड़े बताए जा रहे दूसरे आरोपी ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। कॉलेज कमेटी के सदस्य राजीव वर्मा उर्फ राजू ने स्पष्ट किया है कि वह कॉलेज के मैनेजर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तरीके से कॉलेज मैनेजर बताकर मामले में फंसाया जा रहा है। जबकि वह केवल कॉलेज समिति के सदस्य हैं। राजीव वर्मा ने दावा किया कि घटना के समय वह कॉलेज परिसर में मौजूद नहीं थे। बल्कि भोगांव विधानसभा क्षेत्र के चुनाव की तैयारी के सिलसिले में क्षेत्र में थे। इसके बावजूद उन्हें नामजद कर दिया गया। राजीव वर्मा ने आरोप लगाया कि वह समाजवादी विचारधारा से जुड़े हैं और इसी राजनीतिक पहचान के कारण उन्हें साजिश के तहत इस मामले में घसीटा गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी ठोस जांच-पड़ताल और पूछताछ के उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उनका कहना है कि पूरे मामले को जानबूझकर जातिगत और राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। वहीं, इस मामले में नामजद शिक्षक सुखबीर सिंह ने छात्र के साथ मारपीट किए जाने की बात स्वीकार की है, हालांकि उन्होंने आरोपों की गंभीरता को खारिज किया है। शिक्षक का कहना है कि छात्र के साथ बेरहमी से पिटाई और गंभीर चोटें पहुंचाने का आरोप गलत है। उनके अनुसार, अनुशासन बनाए रखने के दौरान छात्र को केवल दो डंडे मारे गए थे और उसे डांटा गया था। दोनों आरोपियों ने यह भी दावा किया है कि छात्र के शरीर पर दिखाई जा रही चोटों के निशान फर्जी तरीके से बनाए गए हैं और पूरे प्रकरण को जातिगत व राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, छात्र पक्ष अपने आरोपों पर कायम है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला अनुसूचित जाति के नाबालिग छात्र से जुड़ा होने के कारण अत्यंत संवेदनशील है। मेडिकल रिपोर्ट, पीड़ित के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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