ऊर्जा निगम के पंचम खंड के चंदेरू बिजलीघर से क्षमतावृद्धि के बाद हटाया गया पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर चोरी हो गया। हालात यह रहा कि एक्सईएन, एसडीओ, बिजलीघऱ के जेई ने आठ माह के दौरान ट्रांसफार्मर को जमा नहीं कराया। अधिकारियों को यह भी नहीं पता कि ट्रांसफार्मर कब चोरी हुआ। जबकि चोरों ने ट्रांसफार्मर को खोलकर उसके अंदर से तेल व कॉपर निकाला है। विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े ट्रांसफार्मर को खोलकर चोरी करने में छह से आठ घंटे का समय और हाईड्रा मशीन का प्रयोग किया गया होगा। ऊर्जा निगम के सूत्रों के मुताबिक पंचम खंड के चंदेरू स्थित बिजलीघऱ पर बिजनेस प्लान के तहत जून 2025 में पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर को हटाकर 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। इसके बाद ऊर्जा निगम के एसडीओ, जेई व अन्य अधिकारियों ने इस ट्रांसफार्मर को जमा कराने के बजाए बिजलीघर के बाहर ही रखवा दिया। करीब पांच टन वजनी इस ट्रांसफार्मर को अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया। अब जब किसान ने अपने खेत से फसल काटी तो वहां पर कुछ नट बोल्ट व एंगल पड़े मिले। जिसके बाद किसान ने बिजलीघर के स्टाफ को सूचना दी। जिसके बाद ट्रांसफार्मर चोरी होने की जानकारी मिली। ट्रांसफार्मर खोलकर कॉपर व तेल ले गए
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के मुताबिक चोरों ने पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर को खोलकर तेल व कॉपर का तार चोरी किया। विभाग के एक ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर का वजन करीब पांच टन (50 क्विंटल) होता है। इसमें 200 लीटर के करीब 11 ड्रम (2200 लीटर) तेल होता है जबकि 25 क्विंटल से अधिक कॉपर होता है। ऐसे में इस ट्रांसफार्मर को खोलने और अंदर से सामान चोरी करने के लिए बिना हाईड्रा मशीन के इसे उठाना संभव नहीं है। बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम आठ घंटे का समय लगा होगा। ऐसे में बिजलीघर के स्टाफ या अधिकारियों को इसकी जानकारी न हो यह संभव नहीं है। चीफ इंजीनियर ने किया बिजलीघर का दौरा
बिजलीघर से ट्रांसफार्मर चोरी होने पर चीफ इंजीनियर संजीव कुमार ने अधिकारियों के साथ बिजलीघर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरण में शीघ्र मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। बोले- चीफ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
चीफ इंजीनियर संजीव कुमार ने बताया – इतने बड़े ट्रांसफार्मर के चोरी होने में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। यह अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद इसे विभाग को सौंपा जाता, लेकिन अधिकारियों ने आठ महीने तक इसके लिए कोई कदम नहीं उठाया। ऐसे में अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल है। इसके लिए विभाग जांच भी कराई जाएगी और जल्द ही टीम का गठन किया जाएगा। 250 केवीए का ट्रांसफार्मर चोरी
ऊर्जा निगम के पंचम खंड की जीवन गीत कालोनी के पास हाल में रखे जाए 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को चोरों ने चोरी कर लिया। हालात यह हैं कि 11 केवीए लाइन से जुड़े होने और करंट चालू होने के बाद भी चोर आसानी से ट्रांसफार्मर को उतारकर उसमें से कॉपर व तेल चोरी कर ले गए, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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