इटावा में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन ने सोमवार को इटावा जंक्शन पर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गेट मीटिंग की और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में पेंशन, वेतन, भत्ते, पदोन्नति और कार्य स्थितियों में सुधार की मांग उठाई गई। कर्मचारी नेताओं ने आठवें वेतन आयोग की कार्यवाही शीघ्र शुरू करने और संशोधित वेतन व भत्ते 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग की। उन्होंने पुराने और नए पेंशनरों के बीच भेदभाव समाप्त करने तथा सभी पेंशन योजनाओं में पुरानी पेंशन योजना (OPS) के समान सुविधाएं देने पर भी जोर दिया। कर्मचारियों ने बोनस भुगतान की 7000 रुपये की सीमा समाप्त कर वास्तविक वेतन के आधार पर बोनस देने की मांग की। रनिंग स्टाफ के किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत वृद्धि और 70 प्रतिशत माइलेज को आयकर से मुक्त करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, जीडीसीई (जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन) का आयोजन कर कर्मचारियों को विभिन्न श्रेणियों में पदोन्नति के अवसर प्रदान करने पर बल दिया गया। धरने के दौरान ट्रैक मेंटेनरों की पेट्रोलिंग 12 किलोमीटर तक सीमित करने और उन्हें 4200 ग्रेड पे देने की मांग की गई। प्वाइंट्स मैनों के लिए 4200 ग्रेड पे की संरचना के आदेश जारी करने, आठ घंटे से अधिक ड्यूटी न लगाने, कारखानों में आउटसोर्सिंग बंद करने और पदों के समर्पण पर रोक लगाने की मांग भी शामिल थी। अन्य मांगों में रेल कर्मचारियों के माता-पिता को पास सुविधा देना, रेल आवासों और कॉलोनियों की मरम्मत कराना तथा जर्जर पुराने आवासों के स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवास उपलब्ध कराना शामिल था। धरना प्रदर्शन में नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के शाखा अध्यक्ष प्रेम मंडल, कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मीना, शाखा मंत्री दलेल सिंह, पूर्व शाखा मंत्री राम अवतार यादव, कोषाध्यक्ष पीएम मीना, उपाध्यक्ष विजय मंडल, सहायक महामंत्री आर के यादव, राहुल यादव, संयुक्त शाखा मंत्री विनोद यादव, उपाध्यक्ष यतेंद्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी मौजूद रहे।
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