हाथरस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय की एक महिला क्लर्क को अलीगढ़ से आई एंटी करप्शन टीम ने 5000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। महिला क्लर्क ने इंटर्नशिप अलॉटमेंट के नाम पर युवक से 5,000 रुपये मांगे थे। लेकिन युवक ने इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दे दी। युवक ने ऑफिस में क्लर्क को पैसे पकड़ाए, टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। एंटी करप्शन टीम जब क्लक को पकड़कर अपने साथ ले जाने लगी तो क्लर्क ने कैमरा देखते ही कहा कि मुझे से लोग बेवजह पकड़े लिए जा जा रहे हैं। मैं तो उस लड़के को जानती भी नहीं हूं। मुझे उसने वाट्सऐप पर मैसेज किया था। इतना कहते ही एंटी करप्शन टीम की महिला स्टाफ ने क्लर्क का हाथ पकड़ लिया और डांटते हुए गाड़ी में बैठने को कहा। पूरा मामला सोमवार की दोपहर का है।
अब पूरा मामला पढ़िए बताया जाता है कि गिरफ्तार की गई महिला क्लर्क का नाम बबीता चौहान है। वो मूल रूप से आगरा की रहने वाली हैं। हाथरस में आवास विकास कॉलोनी में रहती हैं। सीएमओ ऑफिस में वो 2019 से तैनात हैं। उनके पति आगरा में ही निजी कंपनी मैनेजर के पद पर तैनात हैं। CHC में तैनात होने वाले इंटर्न की तैनाती करने की जिम्मेदारी इनके पास है। बिना घूस इंर्टनशिप देने से कर रही थी इनकार सिकंदरा राऊ का रहने वाला प्रशांत परमार नाम का युवक बी फार्मा करने के बाद हाथरस सीएचसी में इंटर्नशिप के अलॉटमेंट के लिए उनके पास करीब 15 दिन से चक्कर लगा रहा था। वो इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर उससे 5,000 रुपये की मांग कर रही थीं। प्रशांत ने गरीबी का हवाला देकर पैसे देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि बिना पैसे वो उसे इंटर्नशिप अलॉट नहीं कर रही थी। इस बात से परेशान प्रशांत परमार ने एंटी करप्शन टीम से शनिवार को संपर्क किया। टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद जाल बिछाया और प्रशांत से सोमवार को बबीता चौहान से मिलकर पैसे देने को कहा। पैसे टेबल पर रखवाए और कहा अब जाओ आज दोपहर करीब 1 बजे प्रशांत सीएमओ ऑफिस के आरटीई मेडिकल बोर्ड वार्ड में पहुंचे, जहां बबीता चौहान ने प्रशांत से कहा कि पैसे टेबल पर रख दो और यहां से जाओ। इस दौरान एंटी करप्शन की टीम के सदस्य वार्ड के बाहर घूमते रहे। प्रशांत ने 500-500 नोट की गड्डी टेबल पर रख दी और बाहर चला आया। बाहर आते ही युवक ने किया इशारा बाहर आते ही उसने एंटी करप्शन टीम को अंदर जाने का इशारा किया। टीम ने अंदर जाते ही क्लर्क को पैसों के साथ दबोच लिया। उनसे पैसों को लेकर पूछताछ की गई लेकिन वो कोई जवाब नहीं दे सकीं। एंटी करप्शन टीम में शामिल महिला पुलिसकर्मी ने क्लर्क का हाथ पकड़ लिया और बाहर लेकर आई। उन्हें गाड़ी से महिला थाने ले जाया गया। महिला थाने से निकलते समय क्लर्क कैमरा देखते ही अपनी सफाई देने लगीं। लेकिन कांस्टेबल ने उन्हें फटकारते हुए गाड़ी में बिठा लिया। महिला थाने से ले जाकर उन्हें कोतवाली हाथरस गेट में रखा गया है। यहां उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया- महिला क्लर्क को 5000 की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। कल मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट के आदेश के बाद इन्हें जेल भेजा जाएगा।
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