शहरभर की रेजीडेंशियल सोसायटियों को एप्रूव्ल देने वाला आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) अपने ही फ्लैट नहीं बेच पा रहा। ताजनगरी में बनी ADA हाइट्स के फ्लैट हों या फिर शास्त्रीपुरम हाइट्स के फ्लैट, दोनों ही प्रोजेक्ट के अधिकांश फ्लैट खाली हैं। ADA हाईट्स को बने तो 11 साल हो गए।
अपनी प्रोपर्टी बेचने में नाकाम ADA अब शास्त्रीपुरम हाईट्स में फ्लैटों के रेट कम करने की तैयारी में है। वहीं, ADA हाइट्स के फ्लैट बल्क में सेल करने की योजना है। जिससे कि ADA की कुछ आमदनी हो सके। मल्टीस्टोरी रेजीडेंशियल योजना में खाली फ्लैटों को बेचने के लिए ADA कई बार कई प्रयोग कर चुका है। इसके बावजूद फ्लैट नहीं बिक पा रहे। अब विस्तार से पढ़िये… ADA ने 2007-08 में ताजनगरी फेस-2 में ADA हाइट्स योजना लांच की थी। 2014 में योजना बनकर तैयार हुई थी। 35,427 वर्ग मीटर में कुल 9 ब्लॉक बनाए गए। 7 ब्लॉक 12 मंजिल के और 2 ब्लॉक 13 मंजिल के हैं। इस रेजीडेंशियल प्रोजेक्ट की कुल लागत 256 करोड़ रुपये आई थी।
ADA अफसरों को उम्मीद थी कि फ्लैट की तेजी से बिक्री होगी, प्रोजेक्ट की शुरुआत में ऐसा हुआ भी। 582 फ्लैट में 150 की बुकिंग तेजी से हुई। फिर बुकिंग की रफ्तार धीमी हो गई। ADA हाइट्स में 1 और 2 BHK की संख्या 200-200, 3 BHK की 108 और 4 BHK की 74 है। 25 से 85 लाख के फ्लैट
इस योजना में बनाए टावरों में स्टूडियो, डीलक्स, सुपर डीलक्स, अल्ट्रा डीलक्स टाइप फ्लैट बनाए हैं। जिनकी कीमत 25 से 85 लाख रुपये तक है। शुरुआत में प्राधिकरण को अच्छा रिस्पांस मिला, लेकिन बाद में बाजार ठंडा हो गया। अब हालात ये हैं कि यहां करीब 272 फ्लैट हैं जो बिक नहीं रहे हैं। इसकी वजह से बिल्डिंग का रखरखाव भी प्रभावित हो रहा है। अलोकप्रिय संपत्ति घोषित
ADA हाइट्स में 2 BHK व 3 BHK के कुल बचे हुए 170 फ्लैट को अलोकप्रिय संपत्ति में रखते हुए बल्क में बेचने पर ADA बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों ने भी सहमति दी गई है। पिछले दिनों हुई ADA बोर्ड की बैठक में इस योजना के फ्लैट बल्क में सेल करने पर सहमति बनी है। ADA अपनी दो सबसे महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं शास्त्रीपुरम हाइट्स और ताजनगरी फेज-2 की ADA हाइट्स में फ्लैटों की बिक्री न होने से चिंतित है। लंबे समय से खाली पड़े इन फ्लैटों को ठिकाने लगाने के लिए हाल ही में हुई ADA बोर्ड बैठक में कड़े फैसले लिए गए हैं। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया है कि यदि संपत्तियां नहीं बिक रही हैं, तो उनकी बाजार प्रासंगिकता और कीमतों की समीक्षा करना अनिवार्य है। शास्त्रीपुरम हाइट्स के कम होंगे रेट
शास्त्रीपुरम हाइट्स परियोजना में ADA ने आधुनिक सुविधाओं के साथ 2, 3 और 4 BHK फ्लैट तैयार किए थे। हालांकि, वर्तमान वित्तीय वर्ष के आंकड़े उत्साहजनक नहीं हैं। कुल 336 फ्लैटों में से अब तक केवल 93 फ्लैटों की ही बिक्री हो सकी है। यानी लगभग 72 प्रतिशत फ्लैट अभी भी खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं। प्राइम लोकेशन होने के बावजूद रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है। ऐसे में फ्लैटों के रेट कार्ड की दोबारा समीक्षा की जाएगी। प्राधिकरण जल्द ही इनकी कीमतों में कटौती कर सकता है या आसान किस्तों वाली नई योजना पेश कर सकता है, ताकि मध्यम वर्ग को आकर्षित किया जा सके। रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के माध्यम से बिक्री प्रक्रिया को तेज करने के लिए निजी एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है।
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