बागपत जनपद में वन विभाग के कर्मियों द्वारा गिरफ्तार किए गए शिकारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि वन विभाग के अधिकारियों ने पकड़े गए शिकारियों को ‘मुर्गा’ बनाया। वीडियो सामने आने के बाद विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो के संबंध में यह दावा किया जा रहा है कि वन्यजीवों के शिकार के आरोप में पकड़े गए व्यक्तियों को वन विभाग के कर्मियों ने चेतावनी देने के उद्देश्य से यह ‘सजा’ दी। उन्हें भविष्य में ऐसे कृत्य न करने की हिदायत भी दी गई। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं; कुछ इसे कानून के विरुद्ध बता रहे हैं, तो कुछ वन्यजीव सुरक्षा के नाम पर उठाया गया कदम मान रहे हैं। हालांकि, बागपत वन विभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) विनोद कुमार ने इन आरोपों और वायरल वीडियो को सिरे से खारिज किया है। डीएफओ विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के शिकार के आरोप में पकड़े गए आरोपितों को किसी भी स्तर पर ‘मुर्गा’ नहीं बनाया गया। उन्होंने जोर दिया कि वन विभाग पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखता है और कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करता है। डीएफओ ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपितों को नियमानुसार हिरासत में लिया गया था और बाद में अदालत में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस वीडियो की भी जांच कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी प्रकार की भ्रांति न फैले।
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