मथुरा के गोवर्धन चौराहे पर सोमवार को राष्ट्रीय करणी सेना ने यूजीसी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। श्रवण समाज के युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं और समाज के लोगों ने भाग लिया, जिससे गोवर्धन चौराहा कुछ समय के लिए आंदोलन स्थल में बदल गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष कन्हैया ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार का यूजीसी बिल श्रवण जाति के हितों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल शिक्षा और आरक्षण व्यवस्था को प्रभावित करेगा, जिससे समाज के युवाओं के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ठाकुर ने कहा कि सरकार ने बिना व्यापक चर्चा और समाज की सहमति के यह बिल लाने का प्रयास किया है, जो स्वीकार्य नहीं है। कन्हैया ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यूजीसी बिल वापस नहीं लिया, तो करणी सेना और श्रवण समाज का आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को प्रदेश स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा और सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ठाकुर ने यह भी कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी और उसे इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। रैली के दौरान युवाओं ने “यूजीसी बिल वापस लो” और “श्रवण समाज के अधिकारों की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि आंदोलनकारियों के तेवर सख्त थे। मौके पर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। करणी सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन समाज के हक और सम्मान की लड़ाई है, जिसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।
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