लखनऊ से दिल्ली-एनसीआर के बीच रेल सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। लखनऊ से गाजियाबाद तक रेलमार्ग को चार लेन करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना के तहत हापुड़ और बरेली रूट पर अतिरिक्त रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे लखनऊ रूट पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और लेटलतीफी में सुधार आएगा। लखनऊ रूट पर 450 किलोमीटर में रोज चलती हैं 300 से ज्यादा ट्रेनें लखनऊ से गाजियाबाद के बीच करीब 450 किलोमीटर लंबे रेल रूट पर प्रतिदिन 300 से 350 ट्रेनें संचालित होती हैं। फिलहाल दो ही ट्रैक होने के कारण इस रूट पर ट्रेनों की भीड़ बनी रहती है। चार लेन ट्रैक बनने से लखनऊ रूट पर ट्रेनों की आवाजाही सुचारु हो सकेगी और संचालन अधिक सुरक्षित होगा। लखनऊ से दिल्ली और पश्चिमी यूपी का कनेक्शन होगा मजबूत इस परियोजना से लखनऊ का सीधा लाभ दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, हापुड़ और बरेली से जुड़ाव के रूप में मिलेगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक, नई लाइनों के बनने से लखनऊ से चलने वाली एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, वहीं मालगाड़ियों को अलग ट्रैक मिलने से यात्री ट्रेनों में देरी कम होगी। लखनऊ रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी से मिलेगी राहत अभी लखनऊ रूट पर ट्रेनों को अक्सर सिग्नल और क्रॉसिंग के कारण रोका जाता है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। चार लेन ट्रैक बनने के बाद एक साथ अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा, जिससे लखनऊ से चलने और आने वाली ट्रेनों का समय बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। लखनऊ से जुड़ी रेल परियोजना 2025-26 तक पूरी करने का लक्ष्य रेलवे विभाग ने इस परियोजना के लिए सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम तेज़ी से चल रहा है। योजना है कि 2025-26 तक गाजियाबाद-लखनऊ चार लेन रेल ट्रैक परियोजना को पूरा कर लिया जाए, जिससे लखनऊ रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
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