कुशीनगर के पड़रौना नगर पालिका क्षेत्र में स्कूल की छात्रा हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गई। करंट लगने से शरीर 80% बर्न हो गया। आनन-फानन में बच्ची को तत्काल कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जहां बच्ची का इलाज जारी है। मामला GVP गायत्री विद्यापीठ का बताया जा रहा है। जब सोमवार सुबह छात्रा लंच के बाद स्कूल के टॉप फ्लोर पर खेलने गई थी। छत की बाउन्ड्री के पास से गुजर रहे तार की चपेट मे आकार छात्रा घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, 10 वर्षीय छात्रा शालू कुमारी स्कूल में लंच ब्रेक के समय करंट की चपेट में आई। बताया जा रहा है कि स्कूल के बगल से गुजर रहे 11000 वोल्टेज के खुले तार के कारण यह हादसा हुआ, जिससे शालू गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद स्कूल स्टाफ ने तत्काल बच्ची को जिला अस्पताल/कुशीनगर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। चिकित्सकों ने शालू की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। छात्रा के पिता मुन्ना प्रसाद, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि स्कूल में बिजली की व्यवस्था सुरक्षित होती और नियमित जांच की जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। विद्यालय के प्रिंसिपल राम प्यारे सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग को कई बार मौखिक रूप से तारों को हटाने के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल ने छत पर बाउंड्री कराई है और तारों को पाइप लगाकर कवर भी किया है।
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