जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) बिना किसी सीधी बातचीत के उनकी जमीन खरीदने का प्रस्ताव दे रहा है। यह परियोजना बुलंदशहर जिले की खुर्जा तहसील के 7, बुलंदशहर तहसील के 17, स्याना तहसील के 8, शिकारपुर तहसील के 5 और सिकंदराबाद तहसील के 2 गांवों सहित कुल 39 गांवों की भूमि को प्रभावित करेगी। यूपीडा को भूस्वामियों से आपसी सहमति से भूमि क्रय करनी है। किसानों का कहना है कि यूपीडा ने अभी तक भूस्वामियों से भूमि अधिग्रहण के संबंध में कोई सीधी बातचीत शुरू नहीं की है। अधिकांश किसानों की मांग है कि यूपीडा ग्राम या तहसील स्तर पर संबंधित किसानों के साथ बैठकें आयोजित करे। किसानों का मत है कि अब एक्सप्रेसवे केवल जनहित के लिए नहीं, बल्कि व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए बनाए जा रहे हैं। इनमें टोल लगाकर औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय शहर विकसित किए जा रहे हैं। इसलिए भूस्वामी अपनी भूमि की वास्तविक स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी चाहते हैं। भूस्वामियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी भूमि की कीमत के लिए केवल अच्छे प्रस्तावों पर ही विचार करेंगे। उन्होंने मांग की कि यूपीडा उन्हें प्रस्तावित भूमि दरों के बारे में सूचित करे। किसानों ने कहा कि यदि उचित दरें मिलती हैं, तो ही वे अपनी भूमि देने को तैयार होंगे, अन्यथा वे भूमि देने के इच्छुक नहीं हैं। किसानों ने यह भी मांग की कि यूपीडा प्रत्येक भूस्वामी के साथ बैठकर भूमि के मूल्य का निर्धारण करे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया के बिना कोई भी अग्रिम कार्यवाही स्वीकार्य नहीं होगी। भूस्वामी प्रतिनिधि के माध्यम से इस कार्यवाही में हिस्सा लेंगे और किसी भी ‘असंवैधानिक’ कार्रवाई को अस्वीकार करेंगे।
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