अमेठी में अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रभूमि दिवस-2026 के अवसर पर सोमवार को चंदवा ताल वेटलैंड पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अमेठी वन प्रभाग द्वारा गौरीगंज वन रेंज में आयोजित हुआ। इस वर्ष की थीम “आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव” थी। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, शिक्षकों, ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया। कंपोजिट विद्यालय हरखपुर, गौरीगंज के बच्चों को चंदवा ताल क्षेत्र में बर्ड वाचिंग कराई गई। इस दौरान विद्यार्थियों को वेटलैंड में पाए जाने वाले स्थानीय पक्षियों की जानकारी दी गई और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से समझाया गया। पहले 3 तस्वीरें देखिए… बच्चों ने नजदीक से पक्षियों को देखकर प्रकृति के प्रति उत्साह और जिज्ञासा दिखाई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। पेंटिंग प्रतियोगिता में कक्षा 6 की गुड़िया चौहान ने प्रथम, कक्षा 8 की दिव्यांशी ने द्वितीय और कक्षा 5 की माही अग्रहरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 7 की स्वाती चौहान प्रथम, कक्षा 8 की साईना द्वितीय और कक्षा 8 के बजरंग शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेता छात्र-छात्राएं कंपोजिट विद्यालय हरखपुर के हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी गौरीगंज दीपक कुमार सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए आर्द्रभूमि की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आर्द्रभूमि जल संरक्षण, भूजल स्तर सुधार और जैव विविधता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलेश चंद्र पांडेय ने अपने उद्बोधन में बर्ड फेस्टिवल और पर्यावरण संरक्षण के आपसी संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।
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