केंद्रीय बजट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को 3400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 831 करोड़ रुपये अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक सशक्तिकरण पर खर्च किए जाएंगे। महराजगंज के मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने इस बजट को जनहितैषी और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश किया। इस बजट में युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के बजट में कोई कटौती नहीं की गई, बल्कि इसमें वृद्धि की गई है। इस बार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए कुल 3400 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। पिछले वर्ष 2025 में यह राशि 3395.62 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 4.38 करोड़ रुपये अधिक आवंटित किए गए हैं। महराजगंज के मदरसों के शिक्षकों ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को इस बजट में विशेष महत्व दिया गया है, जो पहले किसी सरकार ने नहीं दिया था। उन्होंने इसे जनहित का बजट और 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बताया। शिक्षकों का मानना है कि इससे अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरणा मिलेगी। शिक्षकों ने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति के माध्यम से बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख पाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट सभी वर्गों को महत्व देता है और विकसित भारत के निर्माण में सहायक होगा।
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