वाराणसी में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को ललकारा और बयान को साबित करने की खुलेआम चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर पूरे देश में वोट बेचने की कोई दुकान है तो उसका पता बताया जाए। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, “अगर माई के लाल हैं तो बता दें।” बोले आज जो लोग उंगली उठा रहे हैं, वे कभी लोहा चोरी किया करते थे। उन्होंने कहा कि 23 साल में ओमप्रकाश राजभर ने जो किया है, क्या किसी और ने किया? “जब हमने अपने बाप को बाप कहना शुरू किया, तब लोगों का ध्यान सुहेलदेव महाराज की ओर गया।
सोमवार को वाराणसी में सुभासपा के अध्यक्ष ओपी राजभर से पत्रकारों जब कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के बयान पर सवाल किया तो भड़क गए। नाम लिए बिना अनिल राजभर और उनके पिता को लोहा चोर बताया। उन्होंने सुहेलदेव की जयंती के अवसर पर अनिल राजभर द्वारा मंच से ओमप्रकाश राजभर के समर्थकों पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए बोले कि आप उनका इतिहास नहीं जानते। जब उनके पिता जी राजनीति में थे इस दौरान एक लोहे की सरिया बेचने की दुकान खोली थी, कोई भी दुकानदार कहता तो साव है लेकिन वह साव नहीं होता है। अगर वह साव बनेगा तो कमाएगा कैसे। कहा कि हम चुनौती देते हैं की एक मां दूध पिया है तो बताए कि कहा वोट बिकता है। हम भी जान लेंगे कि वोट खरीदने और बेचने की दुकान कहां है, हम भी वो दुकान देख लें। जरूरत पड़े तो अपना वोट बेच दें। वोट कोई बोरा या झोला में होता है जो दे आएं।
शंकराचार्य के चुनौती पर बोले- देश संविधान से चलता है बयान से नहीं वाराणसी पहुंचे मंत्री ओमप्रकाश राजभर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयानों पर भी खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी के बयान से संविधान बदला नहीं जा सकता। शंकराचार्य के 40 दिन वाले बयान पर बोले की 145 करोड़ जनता के वो मालिक है क्या? गौ माता को राज्य माता का दर्जा दिए जाने का विषय जब कैबिनेट में आएगा, तब उस पर विचार किया जाएगा।
यूजीसी वापस नहीं हुआ है स्टे हुआ है
यूजीसी को लेकर उन्होंने बताया कि यूजीसी वापस नहीं हुआ है स्टे हुआ है । और जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे बताए यूजीसी कमेटी ने 17 लोग सामान्य जाति के थे । क्या अभी लोगों को कमी नजर नहीं आई। शिक्षा मंत्री के बयान को कोड करते हुए कहा कि जो कमी होगी उसमें सुधार किया जाएगा। UGC के नए दिशा-निर्देशों और कानून को लेकर राजभर ने कहा कि यदि किसी को इसमें गड़बड़ी लगती है तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में OBC, SC और ST वर्ग के साथ पक्षपात होता है और वे इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
सपा का कसा तंज सपा के PDA नारे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि PDA का मतलब “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है। वहीं बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे और शंकराचार्य से मुलाकात पर उन्होंने इसे ड्रामा और राजनीति करार दिया। हम राजभर हैं और सीना ठोक कर बोलते हैं।” बजट को लेकर बताया की यह बजट 145 करोड़ देश वासियों के हित को देखकर बनाया गया है। विकसित भारत को लेकर बजट बनाया गया है। बजट को लेकर बिपक्ष के बयान पर बोले की विपक्ष चुनाव में वोट के लिए बजट का विरोध करते हैं।
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