SEBI पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट एवं CFP (USA) कृतिका यादव ने केंद्रीय बजट 2026–27 का विश्लेषण करते हुए कहा है कि यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसमें मध्यम वर्ग की तात्कालिक जरूरतों को पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया है। कृतिका यादव, जो मार्केट मेस्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड की प्रिंसिपल ऑफिसर एवं सह-निदेशक हैं, छत्तीसगढ़ की एकमात्र महिला CFP (USA) होने के साथ-साथ देश की सीमित SEBI पंजीकृत महिला रिसर्च एनालिस्ट्स में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव है लेकिन मध्यम वर्ग को इससे लाभ का इंतजार करना होगा। कृतिका यादव ने ऑनलाइन जुड़कर मेरठ के युवाओं को बजट के बारे में बताया। विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को संबोधित करते हुए बजट की बारीकियां बताईं। कहा कि सरकार ने ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है, जो देश की आर्थिक नींव को मजबूत करेगा। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और बायोफार्मा शक्ति जैसी योजनाएँ भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएँगी। इसके साथ ही रक्षा बजट में 21 प्रतिशत और ऊर्जा क्षेत्र में 36 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि सरकार दीर्घकालिक विकास को लेकर गंभीर है।
समग्र रूप से उन्होंने कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, न कि 2026 के मध्यम वर्ग की तात्कालिक जरूरतों के लिए। फिस्कल अनुशासन बनाए रखते हुए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश सराहनीय है, लेकिन सरकार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि विकसित भारत की नींव करदाता वर्ग ही रखता है और आने वाले बजट में मध्यम वर्ग को राहत मिलनी चाहिए।
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