गाजियाबद के मोदीनगर में 25 साल के मधुर यादव ने 31 जनवरी की रात को आग लगा ली। जहां अगले दिन रविवार को युवक की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। युवक के पिता ने कहा कि बेटे को किसी दूसरे ने बेहोश कर जलाया। पूरे मामले में पुलिस ने जब युवक के मोबाइल की जांच की और एक किमी में CCTV खंगाले तो पता चला कि युवक अपने घर से खुद ही 2 किमी पैदल गया। उसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगाई। परिजन किसी दूसरी पर नशीला स्प्रे छिड़कर आग लगाना बता रहे हैं, जबकि पुलिस सुसाइड मान रही है। राजस्थान में स्टेनोग्राफर के पद पर हुआ चयन गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र के मंगल विहार कॉलोनी निवासी जितेंद्र यादव सिंचाई विभाग में तैनात हैं। उनका बड़ा बेटा मधुर यादव (25 साल) का कुछ दिन पहले ही राजस्थान में कोर्ट में स्टेनो के पद पर चयन हुआ था। जिसकी ज्वाइनिंग फरवरी माह में ही होनी थी, मधुर ने शनिवार रात को पेट्रोल या कोई केमिकल डालकर खुद को आग लगा ली। जहां वह करीब 80 प्रतिशत झुलस गया। इसके बाद परिजनों ने दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां आज रविवार सुबह मधुर की मौत हो गई। घर से 2 किमी दूर तक पैदल गया मोदीनगर पुलिस ने 1 किमी की दूरी तक 20 से अधिक स्थानों पर CCTV कैमरे खंगाले। युवक रात के 8 बजकर 30 मिनट पर अपने घर अकेला निकला था। इसके बाद व बस अड्डे के पास अकेला जाता हुए कैद हुआ। युवक के घर से लेकन निवाड़ी रोड पर जिस जगह आग लगाई वहां की दूरी करीब 2 किमी है। मोदीगर थाने की निवाड़ी रोड पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर 9 बजकर 18 मिनट पर युवक सड़क पर अकेला घूम रहा था, इसके बाद उसने शरीर के ऊपरी भाग के कपड़े उतारे, और 9 बजकर 21 मिनट पर आग लगने की घटना हुई, तभी पास में अपने डॉग को घुमा रही एक महिला ने यह देखा तो वह डरकर 40 कदम अपने गेट पर पहुंची। बेटों को बुलाया। जिसके बाद आग बुझाने का प्रयास किया। वहीं पास में अभिषेक यादव को जानने वाले परिचित दोस्त भी पहुंच गए। 9 बजकर 22 मिनट पर मधुर यादव एक खाली प्लाट की तरफ आग लगते हुए दौड़ा, जिसके बाद लोगों ने आग बुझाई। 9 बजकर 23 मिनट पर डायल 112 को कॉल करके चश्मदीद अभिषेक ने कॉल पुलिस को सूचना दी। करीब 5 मिनट में डायल 112 और मोदीनगर पुलिस पहुंची। जिस स्थान पर कैमरे में आखिर बार वह कैद हुआ, यहीं से 30 कदम दूर ही उसने आग लगाई, आगे कॉलोनी में रास्ता बंद है, पास से खाली प्लॉट व एक खेत का रास्ता है। बीच में डॉग भी पीछे पड़ा CCTV कैमरे की फुटेज में सामने आया कि युवक जब पैदल जा रहा था, तो 2 अलग अलग स्थानों पर एक डॉग भी उसके पीछे पड़ा, बचकर मधुर यादव आगे बढ़ गया। पुलिस ने चश्मदीद एक महिला से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। जिसमें महिला ने पुलिस को बताया कि मैं जब अपने डॉग को रास्ते में घुमा रही थी,तो युवक पैदल जाते हुए मिला। मैं, कुछ आगे बढ़ी तब युवक ने ऊपर के कपड़े उतार दिए। वह सभी कपड़े सड़क के किनारे पर रख दिए। शायद पेंट की अंटी में कोई शीशी निकाली होगी अचानक मैंने देखा तो आग की लपटों के बाद वह चिल्लाते हुए प्लॉट की तरफ दौड़ा। महिला ने यह भी बताया कि पास के कई लड़के आए तो बोले यह तो मधुर है, आंटी हमारे यहां आता रहता था। जिसके बाद मधुर के ही मोबाइल से उसके घर पर कॉल करके सूचना दी।
मोबाइल में एक युवती से चैट मिली पुलिस ने मधुर यादव के मोबाइल की जांच की तो उसमें गूगल सर्च में यह पाया कि जलकर कितनी देर में मौत होती है, फांसी से कितनी देर में आदमी मर जाता है। त्वरित मौत कैसे होती है। इनके अलावा एक युवती के साथ व्हाट्सएप पर चैट भी मिली है। जिसमें युवती से अफेयर सम्बंधी मैसेज मिलने पुलिस ने बताए हैं। वहीं एक लेटर भी अंग्रेजी में हाथ से लिखा हुआ मोबाइल से रिकवर हुआ है, जो पुराना बतााया गया है, इसमें युवती का नाम तो नहीं लिखा, लेकिन लव यू.. लव यू और जैसे वर्ड लिखे हुए। यह लेटर पूरी तरह से पढ़ने में स्पष्ट नहीं आया। पुलिस मान रही है कि युवक ने सुसाइड ही किया है, परिवार उसकी अपनी मर्जी से शादी करना चाहता था, जबकि मधुर की एक युवती से चैट की कहानी अफेयर की तरफ इशारा कर रही है। पिता बोले खुद ने आग नहीं लगाई बेटे मधुर की मौत के बाद पिता जितेंद्र यादव ने रोते हुए कहा- मेरा शाम 7 बजे घर से गया था। उसके बाद फोन करके बताया मैं गोविंदपुरी आया हूं। फिर कई मोबाइल स्विच ऑफ आया। फिर मेरे साले के लड़के को बताया कि मैं अभी आ रहा हूं। फिर अपनी मां को बताया कि मैं अभी आ रहा हूं। फिर रात में उसी के फोन से किसी ने सूचना दी कि आपका लड़का जला दिया गया है। जिसने अभिषेक नाम के युवक का नाम लिया है, आंखों पर पाउडर डाला, फिर स्प्रे डालकर जलाया गया है। यह गलत अफवाह कि उसने पहले भी सुसाइड का प्रयास किया। बेटा दिपावली पर पटाखों से जल गया था। राजस्थान हाईकोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर जॉब भी लग चुकी है, वह कुछ दिनों में ज्वाइनिंग पर जाने वाला था। मधुर के चाचा बिजेंद्र ने लिखित में थाने में तहरीर दी है। एडिशनल सीपी का बयान एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि पूरे मामले में पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। अलग अलग स्थानों पर कैमरों को को भी देखा गया है। अभी तक कि जांच में आया है कि युवक ने खुद आग लगाई है। मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
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