बरेली। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को समावेशी बताते हुए कहा कि इसमें समाज के हर वर्ग के साथ-साथ अल्पसंख्यकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है, जो एक स्वागत योग्य कदम है। मौलाना रज़वी ने बताया कि बजट में अल्पसंख्यकों के लिए 3350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में 166 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने इसे एक सकारात्मक संकेत बताया, जो सरकार के अल्पसंख्यक वर्ग पर केंद्रित होने को दर्शाता है। उनके अनुसार, बजट में व्यापार, उद्योग, रोजगार, युवा, खेल, शिक्षा और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर देश के विकास की दिशा तय की गई है। मौलाना रज़वी ने कहा कि बजट में प्रधानमंत्री के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की झलक साफ दिखाई देती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अक्सर जरूरतमंद अल्पसंख्यकों तक नहीं पहुंच पाता। उन्होंने इसके पीछे नौकरशाही व्यवस्था में भ्रष्टाचार और लापरवाही को प्रमुख वजह बताया। मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने सरकार से अपील की है कि वह नीतियों के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दे। उनका कहना है कि ऐसा करने से अल्पसंख्यक समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा। उन्होंने जोर दिया कि जब लाभ सीधे लोगों तक पहुंचेगा, तभी बजट की मंशा पूरी तरह सफल मानी जाएगी।
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