हमीरपुर में एक पालतू रॉटविलर कुत्ते ने मासूम बच्चे पर हमला कर घायल कर दिया। छत पर खेल रहे बच्चे पर अचानक झपट पड़ा। हाथ पर चार जगह काटकर मांस निकाल लिया। सीने पर भी कई जगह नोंचा। बच्चा खून से लथपथ हालत में जमीन पर गिर पड़ा। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। कुत्ते के मालिक के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। परिजनों का आरोप है कि कुत्ते का मालिक बीएसपी का नगर अध्यक्ष है। इसके चलते पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्हें पहले बच्चे का इलाज कराने की बात कहकर टाल दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आगे जरूरी कार्रवाई होगी। पहले देखें 2 तस्वीरें…
पूरा मामला सुमेरपुर थाना क्षेत्र के विंध्यवासिनी रोड की है। इस्पात मिल में काम करने वाले राजेंद्र कुमार गौतम का बेटा अंश अपने दोस्त पथिक के घर की छत पर खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोसी के घर में पाला गया रॉटविलर कुत्ता अचानक छत पर कूद आया और अंश पर टूट पड़ा। अंश ने बताया कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुत्ते ने उसके हाथ और सीने पर कई बार काटा। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। घर से महज 50 मीटर दूर हुई वारदात परिजनों के मुताबिक, जहां अंश खेल रहा था, वह जगह उसके घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर है। यही वह घर है, जहां रॉटविलर कुत्ते पाले गए हैं। घायल बच्चे को तुरंत सुमेरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी कुत्ते ने पहले भी कई लोगों पर हमला किया है, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया। लोगों में डर का माहौल है, खासकर बच्चों को लेकर। बिना अनुमति पाले गए दो रॉटविलर पीड़ित पिता राजेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पड़ोसी शिवम जनार्दन ने दो रॉटविलर कुत्ते पाल रखे हैं, जिनकी कोई वैध अनुमति नहीं है। बताया जा रहा है कि कुत्ते का मालिक बसपा का नगर अध्यक्ष है। इसी वजह से कार्रवाई न होने की चर्चा इलाके में जोरों पर है। पुलिस पर उठे सवाल परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्हें पहले बच्चे का इलाज कराने की बात कहकर टाल दिया गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आगे जरूरी कार्रवाई होगी। घटना के बाद से सुमेरपुर कस्बे में दहशत का माहौल है। लोग सवाल कर रहे हैं कि अगर पालतू कुत्ते खुलेआम बच्चों पर हमला करते रहेंगे, तो जिम्मेदारी किसकी होगी। अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। कितना खतरनाक होता है रॉटविलर रॉटविलर बहुत ताकतवर नस्ल का कुत्ता होता है। इसकी जॉ (जबड़ा) की पकड़ बेहद मजबूत होती है। एक बार काट ले तो छोड़ता नहीं, झटका देकर मांस फाड़ सकता है। सही ट्रेनिंग न हो या गुस्सा आए तो यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरनाक होता है। दुनिया भर में कुत्तों के हमलों में सबसे गंभीर चोटें रॉटविलर और पिटबुल जैसे कुत्तों से देखी गई हैं।
रॉटविलर के काटने से क्या-क्या खतरे होते हैं? गहरे घाव – मांस फटना, नसें कटना हड्डी टूटने का खतरा – खासकर बच्चों में ज्यादा खून बहना – जान को खतरा इन्फेक्शन – घाव सड़ सकता है रेबीज (Rabies) – अगर कुत्ता वैक्सीनेट न हो मानसिक डर – बच्चा लंबे समय तक डरा रहता है बच्चों पर हमला क्यों ज्यादा खतरनाक? बच्चे का शरीर नाज़ुक होता है गर्दन, चेहरा, सीना आसानी से निशाने पर आ जाता है कई मामलों में जान भी चली गई है रॉटविलर काट ले तो तुरंत क्या करें? खून बह रहा हो तो दबाव देकर रोकें घाव को साफ पानी से धोएं (कम से कम 10–15 मिनट) तुरंत अस्पताल ले जाएं एंटी-रेबीज इंजेक्शन (ARV) जरूर लगवाएं
—————————– ये खबर भी पढ़ें… शिखा अपमान से यूपी भाजपा को कितना नुकसान, 5 चुनावों में सबसे ज्यादा ब्राह्मण वोट मिले, नाराज हुए तो किधर जाएंगे? यूपी में पहले समाज के सुख-दुख पर चर्चा के लिए एक साथ बैठे ब्राह्मण विधायकों को नोटिस दिया गया। फिर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अपमान और उनके शिष्यों की चोटी (शिखा) खींचकर पिटाई की गई। दोनों मामलों से ब्राह्मण समाज गुस्से में है। इसके बाद भाजपा और सरकार निशाने पर है। पढ़िए पूरी खबर…
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