गोरखपुर महानगर में अगले 2 से 3 सालों में लगभग 3 लाख घरों को सीवर कनेक्शन मिल जाएगा। 2500 करोड़ रुपये से अधिक की सीवरेज परियोजना से शहर में यह बदलाव आएगा। योगी सरकार ने शहर में सीवरेज की समस्या दूर करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में यह कदम उठाया है। इसके जरिए लगभ्ग 2650 किलोमीटर सीवर लाइन बिछेगी। इसमें से कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कुछ पर काम चल रहा है। साथ ही 721 करोड़ 40 लाख रुपये की एक और परियोजना मंजूर हो चुकी है।
गोरखपुर में सीवरेज बड़ी समस्या रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस ओर ध्यान दिया और अलग-अलग चरणों में इस समस्या को दूर करने का प्रयास शुरू हो गया। नगर निगम गोरखपुर के क्षेत्र को इसके लिए 8 जोन में बांटा गया है। वर्तमान स्थिति देखें तो 2 हजार 318 किलोमीटर की सीवर लाइन श्स तसे बिछायी जा चुकी है या इसका काम जरी है। इस पर 1 हजार 858 करोड़ 34 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। 2.5 लाख घरों को सीवर लाइन से जोड़ा जा रहा है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 721 करोड़ 40 लाख रुपये की एक और सीवरेज नेटवर्क परियोजना को मंजूरी मिली है। अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन 2.0 (अमृत-2.0) के तहत स्वीकृत यह परियोजना जोन ए-3 के लिए है। अमृत योजना के जरिए हजारों घरों तक पहुंच रहा लाभ
अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए पार्ट 1 (उत्तरी भाग) में 136.28 करोड़ रुपये की लागत से 64.20 किमी सीवर लाइन बिछाकर 6745 घरों को सीवर कनेक्शन दिया जा चुका है। इसी तरह गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए पार्ट 1 (दक्षिणी भाग) में 192.02 करोड़ रुपये की लागत से 109 किमी सीवर लाइन बिछाई गई है और इससे 11008 घरों को सीवर कनेक्शन दिया गया है। इस परियोजना में 5 एमएलडी की सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी स्थापित की गई है।
अमृत कार्यक्रम के ही तहत गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी-2 पार्ट 1 में 223.86 करोड़ रुपये की लागत से 69.70 किमी सीवर लाइन बिछाई गई और 12876 घरों को सीवर कनेक्शन जारी किया गया। इस प्रोजेक्ट में 10 एमएलडी की एसटीपी स्थापित कराई गई। मार्च तक परियोजना से जुड़े कार्य होंगे पूर्ण
गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी-2 पार्ट 2 में अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत वर्तमान में 561.34 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना पर काम जारी है। इसके जरिये 188.47 किमी सीवर लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। 30 एमएलडी की एसटीपी की स्थापना भी परियोजना में शामिल है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर 43963 घरों को सीवरेज कनेक्शन मिल जाएगा। जल निगम शहरी के अधिशासी अभियंता पंकज कुमार के मुताबिक गोरखपुर सीवरेज योजना जोन सी-2 पार्ट 2 में करीब 165 किमी सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। इसी साल मार्च 2026 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। गोड़धोइया नाला योजना में 38 एमएलडी की एसटीपी निर्माणाधीन
अमृत कार्यक्रम के अंतर्गत सीवरेज प्रबंधन के लिए 495.24 करोड़ रुपये की लागत वाली गोड़धोइया नाला योजना में 38 एमएलडी की एसटीपी निर्माणाधीन है जबकि 53.03 करोड़ रुपये की लागत वाली कटनिया-महेवा नाले के इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन की योजना में भी 10 एमएलडी की एसटीपी बनवाई जा रही है। सीवरेज प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए अमृत कार्यक्रम के अलावा राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम की भी मदद ली गई है। राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम के तहत 196.57 करोड़ रुपये की परियोजना में जोन ए 1 में 15 एमएलडी और जोन ए 2 में 30 एमएलडी की एसटीपी की स्थापना कराई जा चुकी है। नई परियोजना से 43 हजार से अधिक घरों को मिलेगा सीवरेज कनेक्शन
योगी सरकार ने गुरुवार को गोरखपुर सीवरेज योजना जोन-ए-3 से संबंधित 721.40 करोड़ रुपये की जिस परियोजना को मंजूरी दी है, उससे 43,604 घरों को सीवरेज कनेक्शन मिलेगा। इस परियोजना के तहत 17 वार्डों में 342.19 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी।
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