संगम नगरी प्रयागराज के लिए आम बजट 2026 विकास के नए द्वार खोलता नजर आ रहा है। दिल्ली–वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के साथ प्रयागराज उत्तर भारत का सबसे बड़ा रेलवे ‘सुपर हब’ बनने की ओर बढ़ गया है। इस कॉरिडोर के पूरा होते ही प्रयागराज से दिल्ली का सफर महज 3 घंटे में सिमट जाएगा, जबकि वाराणसी पहुंचने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। 320 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
रेलवे सूत्रों के मुताबिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए मौजूदा ट्रैक से अलग विशेष पटरियां बिछाई जाएंगी। इन पर ट्रेनें 200 से 320 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड से चलेंगी। वाराणसी–दिल्ली कॉरिडोर को सिलीगुड़ी कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा, जिससे प्रयागराज से सिलीगुड़ी का सफर सिर्फ 4 घंटे में पूरा हो सकेगा। अत्याधुनिक सिग्नल सिस्टम के चलते कोहरे में भी ट्रेनों की लेटलतीफी पर ब्रेक लगेगा। कुंभ और माघ मेला में बनेगा लाइफलाइन
माघ मेला 2027 और कुंभ 2031 जैसे बड़े आयोजनों के लिए यह हाई-स्पीड नेटवर्क गेमचेंजर साबित होगा। भारी भीड़ के दौरान यात्रियों के दबाव को नियंत्रित करने में हाई-स्पीड ट्रेनें अहम भूमिका निभाएंगी। बजट में प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ सुबेदारगंज और छिवकी रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए भी अतिरिक्त फंड का प्रावधान किया गया है। इनर रिंग रोड के दूसरे फेज पर 6200 करोड़ खर्च
रेलवे के साथ सड़कों के बुनियादी ढांचे पर भी बड़ा निवेश किया गया है। एनएचएआई प्रयागराज इनर रिंग रोड के दूसरे चरण का काम शुरू करने जा रहा है। करछना से सोरांव तहसील तक 42 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी, जिस पर करीब 6200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गंगा-यमुना पर नए पुल, 54 अंडरपास बनेंगे
इस परियोजना के तहत गंगा पर 3.5 किलोमीटर और यमुना पर 1.2 किलोमीटर लंबा फोर-लेन पुल बनेगा। इसके साथ 54 अंडरपास और 4 फ्लाईओवर भी प्रस्तावित हैं। सड़क परियोजना के लिए करीब 6700 किसानों की 321 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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