देवरिया में सोमवार की भोर से ही घना कोहरा छाया हुआ है। इसके कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर महज दो मीटर रह गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते दिखे। सुबह के समय शहरी और ग्रामीण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने आज न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। सुबह से ही गलन भरी ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़े, जैकेट, स्वेटर और मफलर का उपयोग कर रहे हैं। कई स्थानों पर लोग अलाव जलाकर राहत पाते देखे गए। इस सर्द मौसम का सबसे अधिक असर बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है, जिससे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। घने कोहरे का सबसे अधिक प्रभाव यातायात व्यवस्था पर पड़ा है। सड़कों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से चलना पड़ रहा है, जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। रोडवेज बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही, जिससे परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। रेलवे संचालन भी बाधित हुआ है; कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं, और कोहरे तथा खराब मौसम के कारण तीन जोड़ी ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
मौसम के इस बदले मिजाज ने दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। विशेषज्ञों ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
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