उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ छाए घने कोहरे ने हवाई सेवाओं को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार सुबह वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोहरे का ऐसा पहरा रहा कि रनवे पर दृश्यता घटकर महज 50 मीटर रह गई। खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा, जहाँ शारजाह से वाराणसी आ रही फ्लाइट के 174 यात्रियों को करीब एक घंटे तक आसमान में ही इंतजार करना पड़ा। 6 चक्कर लगाने के बाद भी नहीं दिखा रनवे
जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या IX-186 रविवार तड़के करीब 4:30 बजे शारजाह से वाराणसी के लिए रवाना हुई थी। विमान को निर्धारित समय के अनुसार सुबह 9:40 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंड करना था। जब विमान सुबह करीब 9:05 बजे वाराणसी के हवाई क्षेत्र में पहुँचा, तब नीचे रनवे घने कोहरे की सफेद चादर में पूरी तरह ढका हुआ था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने सुरक्षा कारणों से विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। इसके बाद पायलट ने आसमान में ही विमान के 6 चक्कर लगाए। करीब एक घंटे तक हवा में चक्कर लगाने के बावजूद मौसम में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद सुबह 10:05 बजे विमान को लखनऊ एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया। घरेलू उड़ानों पर भी कोहरे की मार
कोहरे का असर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घरेलू विमानों का शेड्यूल भी पूरी तरह बिगड़ गया। दिल्ली से वाराणसी आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट करीब 4 घंटे की देरी से दोपहर 12 बजे एयरपोर्ट पर पहुँच सकी। वहीं, स्पाइसजेट की दिल्ली-वाराणसी फ्लाइट को लगभग 6 घंटे के लिए री-शेड्यूल करना पड़ा। अकासा एयर समेत आधा दर्जन अन्य उड़ानें भी आधे से एक घंटे की देरी से संचालित हुईं। विमानों के डायवर्ट होने और देरी से संचालन के कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शारजाह से आने वाले यात्रियों के परिजन ठंड में घंटों तक एयरपोर्ट के बाहर इंतजार करते नजर आए।
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