सहारनपुर में वेक्टर जनित रोगों के प्रभावी प्रबंधन और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। रविवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रवीण कुमार के नेतृत्व में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के रोगियों की जांच, उपचार तथा प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला पंजाब होटल, पोस्ट ऑफिस रोड पर संपन्न हुई, जिसमें निजी और सरकारी क्षेत्र के चिकित्सकों के साथ-साथ नर्सिंग होम संचालकों ने भी भाग लिया। अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सहारनपुर मंडल डॉ. रामानंद और सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। प्रशिक्षण के दौरान भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम ट्रीटमेंट मैनेजमेंट प्रोटोकॉल पर विस्तार से चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर डॉ. अनुपमा शर्मा ने चिकित्सकों को डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के अद्यतन उपचार, लक्षणों की पहचान और जटिल मामलों के प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित किया। सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि सहारनपुर चार राज्यों से जुड़ा जनपद है, जिससे यहां आवागमन अधिक होने के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी बुखार के मरीजों की मलेरिया जांच को अनिवार्य बताया। डॉ. कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि डेंगू में प्लेटलेट की कमी सीधे तौर पर मृत्यु का कारण नहीं होती, बल्कि समुचित क्लिनिकल प्रबंधन अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी रोगियों की जानकारी यूडीएसपी पोर्टल पर समय से दर्ज करने के निर्देश दिए, ताकि रोगी के आसपास निरोधात्मक कार्रवाई और एक्टिव केस सर्च की जा सके। जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि पॉजिटिव पाए गए मरीजों को परजीवी के प्रकार के अनुसार पूर्ण उपचार देना और जिला इकाई को तत्काल सूचना भेजना आवश्यक है। प्रदेश में 2027 तक मलेरिया उन्मूलन की दिशा में कार्य जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं और अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
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