मातृत्व को ईश्वर का महान वरदान बताते हुए गर्भ संस्कार के महत्व पर आधारित एक अनूठा आयोजन रविवार को प्रताप नगर स्थित गर्भाधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में देखने को मिला। चित्रकला के माध्यम से गर्भस्थ शिशु और मातृत्व चेतना का संदेश देने के उद्देश्य से यहां संभवतः विश्व की पहली गर्भ संस्कार विषयक लाइव पेंटिंग वर्कशॉप और चित्र प्रदर्शनी आयोजित की गई। चित्रलेखा द विलेज ऑफ आर्ट सोसाइटी और श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित प्रकल्प गर्भाधान संस्कार होम के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में आगरा सहित बाहर से आए 11 वरिष्ठ और उदीयमान चित्रकारों ने मौके पर ही लाइव पेंटिंग बनाईं। इन चित्रों में गर्भ संस्कार, मातृत्व भाव, गर्भस्थ शिशु की मानसिक चेतना और संस्कारों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम का निर्देशन ललित कला संस्थान आगरा की पूर्व निदेशक एवं वर्तमान में मेवाड़ विश्वविद्यालय, राजस्थान की महानिदेशक प्रो. डॉ. चित्रलेखा सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि माँ का गर्भ शिशु के लिए पहली पाठशाला होता है और शिशु के मस्तिष्क का करीब 80 प्रतिशत विकास गर्भ में ही हो जाता है, इसलिए गर्भ संस्कार बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों से आई 100 से अधिक चित्र प्रविष्टियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। यह प्रदर्शनी 2 और 3 फरवरी को भी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी। मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी वीडी अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी पुष्पा अग्रवाल (पुष्पांजलि ग्रुप) ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज को संस्कारों से जोड़ने वाला प्रयास बताया। कार्यक्रम संयोजक सचिन गोयल, राजीव जैन और नूतन ज्योति ने व्यवस्थाएं संभालीं। आयोजन में बड़ी संख्या में चिकित्सक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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