अम्बेडकरनगर में टांडा तहसील में तहसीलदार निखिलेश कुमार सिंह के साथ अभद्रता, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने की गंभीर घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस नामजद आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। इसको लेकर तहसील प्रशासन और राजस्व कर्मियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। बता दें कि 31 जनवरी को जनता दर्शन के दौरान तहसील कार्यालय में घुसकर दबंगई दिखाने वाले ग्राम प्रधान सुभाष वर्मा, अभिमन्यु वर्मा और राधेश्याम वर्मा सहित 15–20 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ टाण्डा कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने एक फाइल के आदेश को लेकर तहसीलदार पर नाजायज दबाव बनाया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर आरोपी उग्र हो गए और मारपीट पर आमादा हो गए। इतना ही नहीं आरोपियों ने तहसील गेट पर घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे आम जनता का आवागमन बाधित हो गया और सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। हालात बेकाबू होते देख तहसीलदार ने तत्काल पुलिस सुरक्षा की मांग की। थानाध्यक्ष के पहुंचने के बाद भी आरोपियों ने बल प्रदर्शन जारी रखा। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाया। घटना के बाद राधेश्याम वर्मा द्वारा “देख लेने” की धमकी देकर समर्थकों संग मौके से चले जाने की बात भी तहरीर में दर्ज है। हालांकि, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है और वह सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी। सरकारी कार्यालय में इस तरह की दबंगई और धमकी ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए
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